पाठ्यक्रम व परीक्षा प्रणाली में सुधार पर कार्यशाला, अजय सिंह ने कहा पॉलिटेक्निक में पढ़ाई का स्तर करना होगा बेहतर

रांची : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा है कि राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर बेहतर करना होगा. संस्थान में शैक्षणिक माहौल वैसा नहीं है, जैसा होना चाहिए. इसमें सुधार की आवश्यकता है. संस्थान को बेहतर करने के लिए मिल कर प्रयास करना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 13, 2017 7:09 AM
रांची : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा है कि राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर बेहतर करना होगा. संस्थान में शैक्षणिक माहौल वैसा नहीं है, जैसा होना चाहिए. इसमें सुधार की आवश्यकता है. संस्थान को बेहतर करने के लिए मिल कर प्रयास करना होगा. इसके लिए सिस्टम बनाना होगा. उक्त बातें सचिव ने बुधवार को विज्ञान केंद्र सभागार में पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रम व परीक्षा प्रक्रिया में सुधार को लेकर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन समारोह में कही.
उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में पॉलिटेक्निक काॅलेजों में वर्ष 2011 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू पाठ्यक्रम प्रभावी है. इसमें बदलाव की आवश्यकता है. दक्षिण भारत के राज्यों के पॉलिटेक्निक संस्थानों की स्थिति काफी बेहतर है. झारखंड के पॉलिटेक्निक से पढ़ाई करनेवाले 20 फीसदी से अधिक विद्यार्थियों को रोजगार नहीं मिलता. पॉलिटेक्निक कॉलेजों को उद्योग की मांग अनुरूप चलाने की आवश्यकता है. उद्योग की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करें, ताकि पास होने के बाद विद्यार्थी को रोजगार मिलने में परेशानी नहीं हो. झारखंड के विद्यार्थियों में कम्यूनिकेशन स्किल की कमी है, इस कारण रोजगार मिलने में परेशानी होती है. पॉलिटेक्निक के साथ-साथ इंजीनियरिंग कॉलेजों के पाठ्यक्रम की भी समीक्षा की आवश्यकता है.
तकनीकी विवि के कुलपति डॉ गोपाल पाठक ने कहा कि हमें अपने पाठ्यक्रम की समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए, ताकि हम मांग के अनुरूप इसमें बदलाव कर सकें. बीआइटी सिंदरी के निदेशक डॉ डीके सिंह ने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार पाना ही नहीं बल्कि रोजगार देने का अवसर भी पैदा करना है. कोल्हान विवि के प्रतिकुलपति आरके सिंह, सीआइटी के निदेशक एसडी सिंह, इ एंड वाई के अमीत वात्सयान ने भी विचार रखे. राज्य तकनीकी शिक्षा परिषद के सचिव शिव विलास साह ने कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में सेमेस्टर एक व दो के पाठ्यक्रम में बदलाव किया जायेगा.
साइंस सेंटर की स्थिति खराब, सुधार करें
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि साइंस सेंटर की स्थिति खराब है. इसमें सुधार की आवश्यकता है. जब तक यहां कुछ नया नहीं होगा, तब तक यह केंद्र लोगों को आकर्षित नहीं कर पायेगा. सेंटर में लोगों को समझाने के लिए रखा गया व्यक्ति आठवीं पास है, वह दूसरों को साइंस के बारे में क्या समझायेगा. उन्होंने सेंटर में पोलिटेक्निक के टॉपर विद्यार्थी को रखने के लिए कहा. सेंटर में आवश्यकता अनुरूप नये उपकरण लगाने व इसे और बेहतर करने का निर्देश दिया.