रांची-टाटा रोड के संवेदक पर राज्य सरकार नहीं कर सकती कार्रवाई
रांची: पथ निर्माण सचिव एमएस मीणा ने कहा है कि रांची-टाटा रोड का निर्माण कर रहे संवेदक पर राज्य सरकार कार्रवाई नहीं कर सकती है. यह सड़क केंद्र सरकार के जिम्मे है. सड़क निर्माण का कार्य केंद्र सरकार करा रही है. राज्य सरकार इसमें केवल सहयोगी की भूमिका में है. यह मानते हुए कि सड़क […]
रांची: पथ निर्माण सचिव एमएस मीणा ने कहा है कि रांची-टाटा रोड का निर्माण कर रहे संवेदक पर राज्य सरकार कार्रवाई नहीं कर सकती है. यह सड़क केंद्र सरकार के जिम्मे है. सड़क निर्माण का कार्य केंद्र सरकार करा रही है. राज्य सरकार इसमें केवल सहयोगी की भूमिका में है.
यह मानते हुए कि सड़क निर्माण में हुए विलंब के कारण संवेदक पर कार्रवाई होनी चाहिए, श्री मीणा ने कहा कि इस बारे में केंद्र सरकार के साथ कई बार पत्राचार किया जा चुका है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी केंद्र सरकार से मामले में रुचि लेकर कार्य प्रगति तेज करने का आग्रह किया है. अब संवेदक ने उच्च न्यायालय के समक्ष मई 2018 तक सड़क निर्माण कार्य पूरा करने का भरोसा दिलाया है. पथ निर्माण सचिव ने यह भी बताया कि अब तक रांची-टाटा रोड का 45% कार्य ही हो सका है.
रांची रिंग रोड शुरू करने के लिए रांची-टाटा रोड बना रहे संवेदक पर है निर्भरता : राज्य सरकार के 1000 दिन पूर्ण होने पर उपलब्धियां बताने के लिए आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में श्री मीणा ने कहा : रांची में रिंग रोड का कार्य मार्च 18 तक पूरा कर लिया जायेगा. अब तक रिंग रोड के फेज थ्री, फोर, फाइल और सिक्स का काम पूर्ण कर लिया गया है. मार्च तक फेज सेवन भी पूरा हो जायेगा. उन्होंने बताया कि रिंग रोड के फेज वन और टू का हिस्सा रांची-टाटा रोड में शामिल है. इसे पूरा करने के बाद ही रिंग रोड को पूरी तरह से चालू किया जा सकता है. इस वजह से रांची रिंग रोड पूरी तरह से शुरू करने के लिए भी रांची-टाटा रोड पर निर्भरता हो गयी है. रांची-बोकारो-धनबाद सिक्स लेन एक्सप्रेस वे की कार्यप्रगति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें 2160 एकड़ जमीन अधिग्रहण का काम किया जा रहा है. वहीं, जमशेदपुर-रांची-बोकारो-धनबाद सिक्स लेन एक्सप्रेस वे के लिए 2533 एकड़ जमीन अधिग्रहण की योजना है.
इन दोनों योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है.
सड़कों पर यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए अलग संस्था तैयार करेगी कार्य योजना : पानी, बिजली व टेलीफोन लाइन के लिए बार-बार सड़कें खोदने के सवाल पर श्री मीणा ने कहा : सड़कों पर यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम अलग संस्था द्वारा कराया जा रहा है.
यह संस्था पूरी कार्य योजना तैयार करेगी. सभी विभागों के समन्वय का कार्य इसी संस्था का होगा. चालू वित्तीय वर्ष में जून तक विभागीय बजट का 36.81 फीसदी (1840 करोड़ रुपये) खर्च किया जा चुका है. 1550 किमी सड़क निर्माण के लक्ष्य में से 350 किमी निर्माण कर लिया गया है. श्री मीणा ने कहा कि विकास में सड़कों की भूमिका अहम मानते हुए राज्य में प्रतिदिन लगभग 20 किमी सड़क का निर्माण किया जा रहा है. संताल परगना समेत सभी प्रमंडलों में दर्जनों महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है. इसके अलावा भी कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क योजनाओं का कार्य प्रगति पर है.
