पहल: जुलाई माह के अंत तक काम करने लगेगा, जामताड़ा में साइबर थाना

जामताड़ा: साइबर क्राइम सिर्फ जामताड़ा की ही समस्या नहीं बल्कि, पूरे भारत की समस्या बन गयी है. जरूरत है पुलिस सेल को और मजबूत कर चिह्नित आरोपितों को गिरफ्तार कर सजा दिलाने की. ये बातें मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में आइजी सुमन गुप्ता ने कही. पत्रकारों को जानकारी देते हुए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 19, 2017 6:56 AM
जामताड़ा: साइबर क्राइम सिर्फ जामताड़ा की ही समस्या नहीं बल्कि, पूरे भारत की समस्या बन गयी है. जरूरत है पुलिस सेल को और मजबूत कर चिह्नित आरोपितों को गिरफ्तार कर सजा दिलाने की. ये बातें मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में आइजी सुमन गुप्ता ने कही. पत्रकारों को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिले में जुलाई माह से साइबर थाना काम करने लगेगा. इसके बाद से साइबर अपराध पर नकेल लग जायेगा.

जामताड़ा जिला को हर हाल में साइबर मुक्त जिला बनाना है. इसके लिए तमाम पुलिस पदाधिकारियों को कमर कसना होगा. तभी इसे साकार कर पायेंगे. जिले के करमाटांड़ से भारत के विभिन्न राज्य की पुलिस परेशान है. हर माह वहां धर-पकड़ के लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस दबिश देती रहती है. वहीं उन्होंने पुलिस लाइन पर चर्चा करते हुए कहा कि गत दिनों रांची में हुई बैठक में भी जामताड़ा पुलिस लाइन निर्माण को लेकर चर्चा की गयी थी. जल्द ही समस्या का निदान कर लिया जायेगा.

सख्ती से उग्रवाद से निबटने का निर्देश
आइजी सुमन गुप्ता ने कहा कि उग्रवादियों के केस को प्राथमिकता से लेते हुए उसका ट्रायल कराया जाय तथा जो पुलिस पदाधिकारी संबंधित केस देख रहे हैं. वे पुख्ता साक्ष्य लायें ताकि सजा दिलायी जा सके. आइजी ने कहा कि जामताड़ा जिला के अंतर्गत आने वाले नारायणपुर थाना जो गिरिडीह एवं धनबाद जिले से सटे हुए हैं. वहां पर भी नक्सलियों की चहल-पहल रहती है. इसलिए पुलिस इस क्षेत्र को विशेष ध्यान में रखें.

आइजी ने पुलिस अधीक्षक डॉ जया राय, एसडीपीओ पूज्य प्रकाश एवं जिले के पुलिस पदाधिकारी के साथ बैठक की. बैठक के बाद आइजी ने एसडीपीओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया.आइजी ने एसपी कार्यालय का भी निरीक्षण किया.