जीएसटी : कंपोजिशन स्कीम में व्यापारी टैक्स नहीं लेने का बोर्ड लगायेंगे

वाणिज्य कर सचिव ने दी जानकारी रांची : कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेनेवाले व्यापारियों को इस बात का बोर्ड लगाना होगा कि वे टैक्स नहीं ले सकते हैं. इस स्कीम का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को 16 अगस्त तक का समय दिया गया है. इस अवधि के बाद 20-75 लाख तक के टर्न ओवर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
वाणिज्य कर सचिव ने दी जानकारी
रांची : कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेनेवाले व्यापारियों को इस बात का बोर्ड लगाना होगा कि वे टैक्स नहीं ले सकते हैं. इस स्कीम का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को 16 अगस्त तक का समय दिया गया है.
इस अवधि के बाद 20-75 लाख तक के टर्न ओवर वाले व्यापारी इस योजना का लाभ नहीं ले पायेंगे. अभी कोई भी डीडीओ टीडीएस नहीं काट सकते हैं. राज्य के वाणिज्यकर सचिव केके खंडेलवाल ने यह जानकारी झारखंड सरकार द्वारा गठित राज्यस्तरीय जीएसटी सलाहकार समिति की बैठक गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में दी.
वाणिज्यकर सचिव ने बताया कि जीएसटी में 20-75 लाख टर्न ओवर वाले व्यापारियों के कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने की आजादी है. कंपोजिशन स्कीम चुनने पर व्यापारी को अपने टर्न ओवर का सिर्फ एक प्रतिशत ही टैक्स के रूप में जमा करना होगा. जो व्यापारी इस योजना का लाभ लेगा, उसे अपनी दुकान पर बोर्ड लगाना होगा. इसमें इस बात का उल्लेख करना होगा कि वह कंपोजिट स्कीम का लाभ ले रहे हैं. इसलिए टैक्स नहीं ले सकते हैं.
जीएसटीआर-1 ऑनलाइल और ऑफलाइन उपलब्ध : वाणिज्यकर सचिव ने बताया कि जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न के लिए जीएसटीआर-1 ऑनलाइल के अलावा ऑफलाइन भी उपलब्ध है. ऑफलाइन एक्सल शीट में अपने इनव्यास का ब्योरा भर सकते हैं और रिटर्न दाखिल करने के समय इस पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि जीएसटी में निबंधन नहीं लेनेवाले ट्रांसपोर्टरों को इनरॉल करने के लिए निर्धारित प्रपत्र भरना होगा. साथ ही उन्हें हर माल का हिसाब रखना होगा. टीडीएस के मामले की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई भी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी(डीडीओ) टीडीएस नहीं काट सकते हैं. केंद्र द्वारा इस सिलसिले में आदेश जारी करने के बाद ही टीडीएस की कटौती हो सकेगी. डीडीओ का निबंधन अब 28 जुलाई से होगा.
सर्किल का गलत उल्लेख करने से रद्द हाे रहे थे आवेदन: व्यापारियों के निबंधन से संबंधित आवेदन में होनेवाली गलतियों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कई व्यापारियों द्वारा अपने आवेदन में सर्किल का गलत उल्लेख करने की वजह से उनके आवेदन रद्द हो रहे थे. इस स्थिति से निबटने के लिए वाणिज्यकर विभाग ने सक्षम अधिकारियों के एेसे आवेदनों को भी स्वीकार करने का अधिकार दे दिया है. जीएसटी में आनेवाली परेशानियों के दूर करने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
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