बालू की किल्लत पर सीएम काे पत्र लिखेगा रांची नगर निगम

राजधानी रांची में बालू की भारी किल्लत हो गयी है. इससे प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, सड़क और नाली का निर्माण जैसी सरकारी योजनाएं रुक गयी हैं. ऐसे में रांची नगर निगम ने तय किया है कि वह पत्र लिख कर मुख्यमंत्री रघुवर दास को इस समस्या से अवगत करायेगा. गुरुवार को हुई नगर निगम की स्टैंडिंग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
राजधानी रांची में बालू की भारी किल्लत हो गयी है. इससे प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, सड़क और नाली का निर्माण जैसी सरकारी योजनाएं रुक गयी हैं. ऐसे में रांची नगर निगम ने तय किया है कि वह पत्र लिख कर मुख्यमंत्री रघुवर दास को इस समस्या से अवगत करायेगा. गुरुवार को हुई नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया.
रांची: रांची नगर निगम के स्टैंडिंग कमेटी की बैठक निगम सभागार में गुरुवार दिन के 11:30 बजे शुरू हुई. इस दौरान बैठक में शामिल पार्षदों ने राजधानी में बालू की किल्लत का मुद्दा उठाया. उनका कहना था कि बालू की किल्लत की वजह से केवल रांची नगर निगम क्षेत्र में ही 6000 से अधिक प्रधानमंत्री आवास और शौचालय का निर्माण के कार्य रुक गये हैं. वहीं, दर्जन भर से अधिक सड़क व नाली का निर्माण कार्य भी रुके हुए हैं.
पार्षदों ने बताया कि जिन लोगों को आवास और शौचालय निर्माण का कार्य मिला है, वे गरीब तबके के लोग हैं. उनकी हैसियत 5000 रुपये प्रति ट्रैक्टर बालू खरीदने की नहीं है. ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि वह इन योजनाओं के लाभुकों को निर्माण कार्य के लिए बालू उपलब्ध कराये. पार्षदों की बातें सुनने के बाद मेयर आशा लकड़ा और डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने भी माना कि मौजूदा समय में जिस प्रकार के हालात हैं, उसमें कोई भी गरीब बालू खरीद कर घर नहीं बना सकता है. इसलिए निगम मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शहर में बालू की किल्लत को दूर करने की मांग करेगा. बैठक में नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि, उप नगर आयुक्त संजय कुमार, सहायक कार्यपालक पदाधिकारी रामकृष्ण कुमार, सहायक नगर आयुक्त, चीफ इंजीनियर आदि भी मौजूद थे.
एल-2 एजेंसी से काम कराने का विरोध
बैठक के दाैरान पार्षद आशा देवी ने वार्ड नंबर-21 की में एल-1 एजेंसी के बजाय एल-2 एजेंसी से नाली निर्माण कराये जाने पर एतराज जताया. इस पर डिप्टी मेयर ने भी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने बैठक में मौजूद चीफ इंजीनियर अजीत लकड़ा से पूछा कि आखिर कैसे एल-1 एजेंसी के बजाय एल-2 एजेंसी को काम दिया गया? इस पर चीफ इंजीनियर ने बताया कि मुख्य सचिव का आदेश है कि अगर किसी एक ठेकेदार के पास अधिक काम है, तो एल-2 आनेवाले ठेकेदार से रेट नेगोशियेशन करके उसे काम सौंपा जा सकता है. डिप्टी मेयर ने इस पर आपत्ति जतायी. कहा कि किसी अधिकारी का नाम लेकर तुगलकी फरमान निगम में लागू नहीं होने दिया जायेगा.
11 जोन में बनेंगे निगम के अंचल कार्यालय
बैठक में तय हुआ कि रांची नगर निगम शहर के हर जाेन में एक-एक अंचल कार्यालय खोलेगा. हर पांच वार्ड को मिलाकर एक जोन बनाया जायेगा. इस प्रकार शहर के कुल 55 वार्डों के लिए 11 अंचल कार्यालय खोले जायेंगे. शुरुआती चरण में निगम के दो अंचल कार्यालय रातू रोड और बरियातू रोड में खुलेंगे. उसके बाद शेष 45 वार्डों के लिए नौ जगहों पर अंचल कार्यालय का निर्माण किया जायेगा.
15 सितंबर तक दुरुस्त हो जायेंगी टूटी सड़कें
वार्ड 33 के पार्षद अशोक यादव ने सीवरेज-ड्रेनेज की वजह से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग उठायी. इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि सीवरेज-ड्रेनेज का काम दो दिनों के अंदर नहीं हो सकता है. अभी हमने कंपनी काे नये मोहल्लों में खुदाई करने से रोक दिया है. कंपनी से कहा गया है कि जिन मोहल्लों में उसने पहले खुदाई कर रखी है, वहां 15 सितंबर तक प्रॉपर्टी चेंबर और मेनहोल का निर्माण कर ले. उसके बाद ही उसे नये मोहल्ले में खुदाई करने की इजाजत दी जायेगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >