विधानसभा घेरने पहुंचे, लाठीचार्ज

रांची: कई संगठनों ने बुधवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा था. इन संगठनों को पुलिस ने बिरसा चौक पर ही रोक लिया था. घेराव के दौरान करीब दोपहर एक बजे कांग्रेसी कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास करने लगे. मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों के साथ कार्यकर्ताओं की तीखी नोक-झोंक शुरू हो गयी. पुलिस और […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 10, 2017 7:41 AM
रांची: कई संगठनों ने बुधवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा था. इन संगठनों को पुलिस ने बिरसा चौक पर ही रोक लिया था. घेराव के दौरान करीब दोपहर एक बजे कांग्रेसी कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास करने लगे. मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों के साथ कार्यकर्ताओं की तीखी नोक-झोंक शुरू हो गयी. पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. पुलिस द्वारा बार-बार चेतावनी दिये जाने के बाद भी कार्यकर्ता नहीं मान रहे थे. वो बैरिकेडिंग तोड़ कर विधानसभा की ओर जाना चाह रहे थे.

इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई कांग्रेसी नेताआें को चोट लगी. कांग्रेसी नेता के साथ-साथ विधानसभा घेराव करने आये पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका, झारखंड विद्युत तकनीकी कर्मचारी को लाठीचार्ज के दौरान चोट आयी. लाठीचार्ज के बाद बिरसा चौक पर अफरा-तफरी मच गयी. इधर-उधर भागने के क्रम में कई आंगनबाड़ी सेविकाएं सड़क पर गिर कर चोटिल हो गयीं. कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने तीन-चार बार पानी की बौछार भी की. दो बार पुलिस के साथ आंदोलनकारियों की झड़प हुई. आंदोलन स्थल पर कांग्रेस के करीब पांच हजार कार्यकर्ता मौजूद थे. इसके अतिरिक्त पारा शिक्षक, झारखंड विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ, आंगनबाड़ी सेविकाओं का भी आंदोलन था. लाठीचार्ज में दर्जन भर से अधिक आगनबाड़ी सेविकाएं घायल हुईं. संगठनों के कार्यकर्ताओं की भीड़ के कारण बिरसा चौक का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था.

पारा शिक्षकों ने समान काम के लिए मांग समान वेतन
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पारा शिक्षकों ने विधानसभा का घेराव किया. पारा शिक्षक समान काम के लिए समान वेतन, शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल पारा शिक्षकों की नियुक्ति, अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की मांग कर रहे थे. शिक्षक नेता विनोद तिवारी, विनोद बिहारी महतो व बजरंग प्रसाद के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में पारा शिक्षक दोपहर 12 बजे बिरसा चौक पहुंचे. बजरंग प्रसाद ने कहा कि सरकार अब तक केवल आश्वासन देती रही है. शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल पारा शिक्षकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया गया था, पर काेई कार्रवाई नहीं हुई. विनोद तिवारी ने कहा कि पारा शिक्षक स्थायी शिक्षक के समान सभी काम कर रहे हैं. इसके बाद भी उन्हें काफी कम मानदेय दिया जा रहा है. पारा शिक्षकाें को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाये. छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में भी पारा शिक्षकों को स्थायी किया जाये. पारा शिक्षकों के स्थायीकरण के लिए नियमावली बनायी जाये. हृषिकेश पाठक ने कहा कि पूर्व में आश्वासन दिया गया था कि नियमावली बनाकर पारा शिक्षकों को स्थायी किया जायेगा, पर सरकार की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी. विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज में तीन पारा शिक्षक घायल हुए. चतरा के शिक्षक संजय प्रजापति को काफी चाेट आयी. पारा शिक्षक से जुड़े सभी संगठनों ने इसकी निंदा की है. संघ का कहना है कि पारा शिक्षक शांति पूर्वक आंदोलन कर रहे थे. इसके बाद भी पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया.
पत्थर फेंकनेवालों पर दर्ज हो सकता है केस
रांची. विधानसभा का बुधवार को घेराव करने जा रहे कांग्रेस सहित अन्य प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने एचइसी गेट के पास रोका, तो विरोध में कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया था. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया था. लाठीचार्ज करने के बाद प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को नियंत्रण में लाने पुलिस ने वाटर कैनन से उन पर पानी की बौछार भी की थी. सिटी एसपी अमन कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थर फेंकने के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोट लगी है. विधि-व्यवस्था संभालने में मजिस्ट्रेट भी तैनात थे. प्रदर्शनकारियों पर केस करने को लेकर वरीय पुलिस अधिकारियों से विचार किया जायेगा. मजिस्ट्रेट की ओर मामले में लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संभालने के दौरान काफी धैर्य का परिचय दिया है.

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