रांची : राज्य में आयुष चिकित्सा पद्धति के विकास के लिए हर महीने समीक्षा बैठक होनी है. लेकिन स्वास्थ्य महकमे में स्थिति यह है कि अप्रैल माह के बाद बैठक ही नहीं हो सकी है. अंतिम बैठक 11 अप्रैल 2017 को हुई थी. जिसके मिनट्स में लिखा हुआ कि आयुष चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
रांची : राज्य में आयुष चिकित्सा पद्धति के विकास के लिए हर महीने समीक्षा बैठक होनी है. लेकिन स्वास्थ्य महकमे में स्थिति यह है कि अप्रैल माह के बाद बैठक ही नहीं हो सकी है. अंतिम बैठक 11 अप्रैल 2017 को हुई थी. जिसके मिनट्स में लिखा हुआ कि आयुष चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाने एवं आयुष के सर्वांगीण विकास के लिए अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रस्ताव दिया गया कि प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को प्रात: 11 बजे आयुष की समीक्षा बैठक का आयोजन आयुष निदेशालय नामकुम में किया जाय.
मालूम हो कि विभागीय मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने प्रस्ताव पर स्वाकारात्मक निर्देश दिया था कि प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को बैठक आयोजित की जाये. किसी कारणवश या उस दिन अवकाश होने पर अगले दिन बैठक की जाये.
इस बैठक में स्वास्थ्य अपर मुख्य सचिव, विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, उपनिदेशक आयुर्वेद, समेत विशेष आमंत्रित सदस्यों में विधायक डॉ जीतू चरण राम, डॉ अरविंद तिवारी, डॉ विरेंद्र बहादुर, डॉ आरआर तिवारी, डॉ एसबी सिंह व अन्य भी थे. पर स्थिति यह है कि इस निर्देश के बाद फिर कभी दोबारा बैठक ही नहीं हो सकी. जबकि आयुष को लेकर केंद्र सरकार भी गंभीर है.
इसलिए नहीं हो रही बैठक : आयुष के निदेशक डॉ नुमान अहमद ने कहा कि यह सही है कि हर महीने बैठक होनी है. पर मंत्री की व्यस्तता अधिक है. उनसे समय न मिलने के कारण दोबारा बैठक नहीं हो सकी. जल्द ही मंत्री से बैठक के लिए आग्रह करेंगे.
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