स्मार्ट रोड बाद में, पहले सड़कों के गड्ढे तो भरवाइये सरकार!

राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने राजधानी रांची की प्रमुख पांच सड़कों को ‘स्मार्ट रोड’ में बदलने की योजना बनायी है. चार सड़कों के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए 1793 करोड़ रुपये का बजट भी तैयार हो गया है. कहा जा रहा है कि ये सड़कें चिकनी और चौड़ी होंगी. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने राजधानी रांची की प्रमुख पांच सड़कों को ‘स्मार्ट रोड’ में बदलने की योजना बनायी है. चार सड़कों के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए 1793 करोड़ रुपये का बजट भी तैयार हो गया है. कहा जा रहा है कि ये सड़कें चिकनी और चौड़ी होंगी. इनपर कहीं गड्ढे नहीं होंगे, किनारे पर कहीं भी अतिक्रमण नहीं होगा और ट्रैफिक बिल्कुल स्मूथ होगा. राजधानी में आबादी और वाहनों के दबाव के लिहाज से स्मार्ट रोड की परिकल्पना सराहनीय है. लेकिन, सवाल यह है कि मौजूदा समय में शहर की सड़कों का जो हाल है, उसे कौन सुधारेगा? जर्जर सड़कों पर आये दिन जानलेवा हादसे हो रहे हैं, बारिश के दिनों में जल जमाव की वजह से इन सड़कों पर लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है. लाेगों का सवाल है कि इन सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार कौन है? प्रस्तुत है राजधानी की सड़कों की बदहाली की पड़ताल करती मनोज लाल की रिपोर्ट.
रांची: राजधानी की कई प्रमुख सड़कों पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हो गये हैं, जिनकी वजह से आये दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन हादसे का शिकार हो रहे हैं. ज्यादातर हादसे या तो अचानक वाहनों के गड्ढे में चले जाने से होते हैं. वहीं कई बार गड्ढों से बचने की फिराक में एक वाहन दूसरे वाहन से टकरा जाता है. इन हादसों में लोग जख्मी भी हो रहे हैं. करीब दो मही ने से यह स्थिति बरकरार है.
रविवार रात बरियातू रोड पर रिम्स के पास सड़क पर मौजूद गड्ढे की वजह से बड़ा हादसा हो गया. एक कार और ट्रक के बीच टक्कर हो गयी. इस हादसे में कार में बैठे कई लोग घायल हो गये. इसमें एक महिला भी शामिल है, जिसके हाथ और पैर की कई हड्डियां टूट गयी हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक चालक अौर कार चालक दोनों की ड्राइविंग सही थी. हादसा सड़क पर मौजूद गड्ढे के कारण हुआ है. लोगों ने कहा कि चूंकि यह सड़क काफी चौड़ी है, इसलिए इस पर हादसे नहीं होते, लेकिन जब से यहां गड्ढा बना है, अक्सर हादसे हो रहे हैं. लोग इस हादसे के लिए पथ विभाग के इंजीनियरों को दोषी मान रहे हैं. लोगों का कहना है कि यह स्थिति केवल बरियातू रोड पर नहीं है, बल्कि शहर की अन्य सड़कों पर भी बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे हैं, लेकिन शिकायत करने के बावजूद उन्हें भरा नहीं जा रहा है.
कांटाटोली चौक
कांटाटोली चौक से बूटी मोड़ जाते वक्त चौक के दायीं ओर सड़क पर गड्ढा हो गया है, जिससे अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. सड़क के नीचे गुजर रही पानी की पाइप लाइन लीक होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है. खास बात यह है कि यह सड़क इसी साल मोमेंटम झारखंड से पहले चौड़ीकरण योजना के तहत बनायी गयी थी.
हरमू मुक्तिधाम रोड का पुल
हरमू रोड से मुक्ति धाम की ओर जानेवाली सड़क पर बना पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है. इस पुल पर कई बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं हुई. जबकि, इस पर दिनभर वाहनों का अावागमन होता है. रात में गाड़ियां हिचकोले खाते हुए इससे गुजरती हैं. ऐसे में यहां पर अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
इसलिए टूट रही हैं सड़कें
समय से पहले सड़कें टूटने का सबसे बड़ा कारण जल जमाव को माना जा रहा है. जलापूर्ति वाली पाइप लाइन की वजह से जहां-तहां सड़कें खराब हो रही हैं. पाइप लाइन से पानी लीक हो रहा है और सड़क पर ही जमा हो रहा है. इतना ही नहीं अक्सर पाइप लाइन के लिकेज को ठीक करने के लिए भी सड़कें खोद कर बरबाद की जा रही हैं. बारिश या नाली के पानी का जमाव जहां हो रहा है, वहां भी सड़कें जर्जर हो रही हैं. कहीं-कहीं इस्टीमेट के मुताबिक क्वालिटी नहीं होने के कारण भी सड़कें समय से पहले टूट रही हैं. इन सड़कों पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं, पर जल जमाव की समस्या के निबटने के मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है.
हादसे की सूचना मिलने के बाद भी नहीं भरते हैं गड्ढे
बरियातू रोड में रविवार रात हुआ हादसा काफी बड़ा था. इसमें कई लाेग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. यही वजह है कि यह लोगों की नजर में आ गया. उधर, शहर की विभिन्न सड़कों पर ऐसे ही कई जानलेवा गड्ढे मौजूद हैं, जिनपर आये दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं, जो लोगाें की नजर में नहीं आते हैं. इधर, लापरवाही का आलम यह है कि बरियातू रोड में जिस गड्ढे के कारण दुर्घटना हुई, उसे ऐसे ही छोड़ दिया गया है. हादसे के दूसरे दिन भी उस गड्ढे को नहीं भरा गया.
और कितने हादसों के बाद भरे जायेंगे सड़कों के गड्ढे
अक्सर बरसात में भी जर्जर सड़कों पर पैच वर्क अौर रिपेयर का काम होता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. न तो बरसात शुरू होने से पहले गड्ढे भरे गये और न ही बीच में इसे दुरुस्त कराया गया. सवाल यह है कि इन जानलेवा गड्ढों को भरने के लिए ‘पथ प्रमंडल रांची’ के इंजीनियर और कितने हादसों का इंतजार कर रहे हैं? खास बात यह है कि मुख्यालय ने डिवीजन को रिपेयर मद में राशि दे दी है, लेकिन डिवीजन और राशि की मांग कर रहा है. हालांकि, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि जानलेवा गड्ढे भरने के लिए राशि का इंतजार किया जाये.
पथ निर्माण विभाग पर है मरम्मत की जिम्मेदारी
राजधानी रांची में सड़कों को बनाने या उनको दुरुस्त रखने की जिम्मेवारी पथ निर्माण विभाग की है. पथ प्रमंडल रांची के अधीन इन सड़कों का क्रियान्वयन होता है. इसकी देखरेख की जिम्मेदारी पूरी तरह पथ निर्माण विभाग की है. राष्ट्रीय उच्च पथ की सड़क को दुरुस्त रखने की जिम्मेवारी पथ निर्माण विभाग के एनएच प्रभाग की है. अगर ठेकेदार सड़क खराब बनाते हैं, तो विभाग ही उनकी जवाबदेही तय करके सड़क दुरुस्त कराता है.
राजधानी की अन्य सड़कें जिन पर हैं जानलेवा गड्ढे
लोवाडीह के पास
डोरंडा मनीटोला के पास
नामकुम से डोरंडा जानेवाले रास्ते पर
कांटाटोली बस स्टैंड जाने वाली गली के पहले
राजेंद्र चौक के आगे से रिसालदार बाबा दरगाह जानेवाली सड़क
डंगराटोली चौक के पास
पंडरा रोड में राज्य ग्रामीण विकास संस्थान के पास
झिरी मोड़ के पहले
मारवाड़ी कॉलेज रोड
जैन मंदिर होते हुए टेलीफोन एक्सचेंज से मारवाड़ी कॉलेज जानेवाली सड़क भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. लालजी हिरजी रोड को जोड़नेवाली इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जो समय के साथ बड़े होते जा रहे हैं. यह स्थिति तब है, जबकि इसका निर्माण हाल ही में हुआ था. करीब 3 करोड़ रुपये की यह योजना अभी ठीक से पूरी भी नहीं हुई है.
गेतलातू के पास एनएच पर भी गड्ढे
एनएच 33 में गेतलातू बीएसएनएल कार्यालय के पास भी सड़क जर्जर हो गयी है. बारिश के बाद गड्ढे का पता नहीं चल रहा है. इस सड़क पर हमेशा भारी वाहनों का दबाव रहता है. गड्ढों की वजह से भारी वाहन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका उत्पन्न हो जाती है. इस सड़क का निर्माण एनएचएआइ ने करीब तीन साल पहले कराया था.
गड्ढे के कारण हुई दुर्घटना में घायल माया देवी की हालत स्थिर
बरियातू रोड में रविवार रात गड्ढे के कारण कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल माया देवी को रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में भरती किया गया है. जबकि अन्य घायलों दिव्या कुमारी, कुंती देवी, ज्योत्सना सिन्हा को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. गौरतलब है कि रविवार की देर रात गड्ढा में कार को धीरे करने के पर दो ट्रक के बीच में फंस जाने कार में सवार पांच लोग घायल हो गये थे. सभी को रिम्स में भरती कराया गया था. माया देवी की सिर और गर्दन पर गंभीर चोट लगी थी. उनकी स्थिति गंभीर, लेकिन स्थिर बनी हुई है.
खेलगांव रोड
खेलगांव रोड पर मुख्य गेट के पास बड़ा गड्ढा है. इस सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन होता है, जिससे यह गड्ढा और भी बढ़ा होता जा रहा है. रात में इसे देख पाना मुमकिन नहीं हो रहा है, जिससे अचानक वाहनों के चक्के इसमें घुस जाते हैं और वाहन असंतुलित हो जाते हैं. फरवरी में इसकी मरम्मत हुई थी, लेकिन दोबारा सड़क टूट गयी.
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