चतरा के शाहमीद को दिया छह करोड़ का बिजली बिल

रांची : बिजली बिल में अनियमितता के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. उपभोक्ताओं को गलत बिल भेजने का सिलसिला लगातार जारी है. राज्य भर से गलत बिजली बिल भेजने के मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला चतरा के अवल मुहल्ला निवासी मोहम्मद इदरीस खान का है. इदरीस के घर किराये पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

रांची : बिजली बिल में अनियमितता के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. उपभोक्ताओं को गलत बिल भेजने का सिलसिला लगातार जारी है. राज्य भर से गलत बिजली बिल भेजने के मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला चतरा के अवल मुहल्ला निवासी मोहम्मद इदरीस खान का है. इदरीस के घर किराये पर रहने वाले मोहम्मद शाहमीद को एक महीने के बिजली का बिल 6 करोड़ 29 लाख 99 हजार 894 रुपये का थमा दिया गया.

शाहमीद चतरा में पैथोलॉजी लैब चलाते हैं. बिजली ऑफिस जाकर शिकायत करने पर कर्मचारियों ने जांच की. पता चला किया असल में शाहमीद का बिजली बिल 494 रुपये का ही है.

बिना मीटर रीडिंग दिया जा रहा है बिल: बिजली उपभोक्ताओं को बिना मीटर रीडिंग के बिल दिया जा रहा है. लोगों का कहना है जब मीटर रीडिंग हो रहा था तब बिल दो सौ रुपये मिल रहा था, अब जब मीटर रीडिंग नहीं हुई तो बिल दो हजार रुपये का भेजा जा रहा है. राज्य भर में विगत कुछ महीने से बिजली की मीटर रीडिंग नहीं की जा रही है.
कई उपभोक्ताओं के घर तो जनवरी के बाद रीडिंग नहीं की गयी है. लेकिन इलाके के उपभोक्ताओं काे दो हजार से अधिक का बिल भेज दिया गया है. कई ऐसे उपभोक्ता हैं जिनके प्रत्येक महीने बिल जमा करने के बावजूद बकाया बताकर चार से पांच हजार रुपये बिल भेज दिया गया है. परेशान उपभोक्ता बिल में सुधार के लिए अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगा रहे हैं. उधर, अधिकारियों का कहना है कि बिल में गड़बड़ी की शिकायत मिली है. इसमें सुधार किया जा रहा है.
बिल में गड़बड़ी है, तो करें शिकायत: बिजली बिल में गड़बड़ी और मीटर रीडिंग नहीं होने की शिकायत क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर और कार्यपालक अभियंता से की जा सकती है. मीटर रीडिंग नहीं किये जाने पर भी शिकायत की जा सकती है. वितरण निगम के एमडी ने अभियंताओं द्वारा शिकायत नहीं दूर करने की स्थिति में वरीय अधिकारियों की जानकारी में मामला लाने की बात भी कही है.
गड़बड़ी
मामला चतरा का
शिकायत करने पर जांच में पता चला कि बिजली बिल 494 रुपये का ही है
लोगों का कहना है जब मीटर रीडिंग हो रहा था तब बिल दो सौ रुपये मिल रहा था, अब जब मीटर रीडिंग नहीं हुई तो बिल दो हजार रुपये का भेजा जा रहा है
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