कोलकाता घूमने निकले थे चारों बच्चे, पैसे कम पड़े, तो मुरी से लौट आये घर

रांची: पंडरा ओपी क्षेत्र के जनक नगर से शुक्रवार की शाम से लापता चार बच्चे शनिवार को खुद ही अपने घर लौट आये. बच्चे कोलकाता घूमने के लिए घर से निकले थे, लेकिन पैसा नहीं होने के कारण मुरी स्टेशन से ही वापस लौट गये़ बच्चों को देख कर परिजन उनसे लिपट कर रोने लगे. […]

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रांची: पंडरा ओपी क्षेत्र के जनक नगर से शुक्रवार की शाम से लापता चार बच्चे शनिवार को खुद ही अपने घर लौट आये. बच्चे कोलकाता घूमने के लिए घर से निकले थे, लेकिन पैसा नहीं होने के कारण मुरी स्टेशन से ही वापस लौट गये़ बच्चों को देख कर परिजन उनसे लिपट कर रोने लगे. बच्चों को समझाया कि फिर ऐसा कदम कभी नहीं उठाना. बच्चों के लौटने की जानकारी मिलने पर पंडरा पुलिस उनके घर पहुंची.

पंडरा ओपी प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि चारों बच्चे सिर्फ घूमने के लिए घर से निकले थे. वे शुक्रवार को रांची रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ कर मुरी स्टेशन पहुंचे. मुरी स्टेशन में बच्चे उतर गये और वापस घर लौट आये. इधर, बच्चों के लौटने के बाद अभिषेक के पिता पप्पू साह ने बताया कि उनके पुत्र के साथ जानेवाले सत्यम मिश्रा के मामा का घर कोलकाता में है. बच्चे काफी पहले से ही कोलकाता में गंगा नदी व हावड़ा पुल देखने के लिए घूमने जाने की तैयारी कर रहे थे. इसलिए चारों बच्चे पहले से तैयार योजना के अनुसार घर से कोलकाता घूमने जाने के लिए निकल गये. चारों बच्चे के पास सिर्फ 50 रुपये थे. मुरी स्टेशन पहुंचने पर उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उन्हें कोलकाता घूमने, खाने और रहने में अधिक पैसे खर्च होंगे. पैसा नहीं होने के कारण चारों अपने घर लौट आये.
लापता होने की दर्ज करायी गयी थी शिकायत : घटना को लेकर शुक्रवार को जनक नगर निवासी पप्पू कुमार साह ने पंडरा ओपी में लिखित शिकायत दर्ज करायी थी. उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनका पुत्र 11 वर्षीय अभिषेक, बेटी एंजेल और पड़ोस में रहनेवाले रमेश चंद्र मिश्रा के पुत्र 11 वर्षीय सत्यम मिश्रा और उनकी बेटी गुनगुन कहीं चले गये हैं. चारों कपड़ा और खाना बैग में साथ लेकर निकले थे. शाम के करीब पांच बजे चारों बच्चे पैदल ही पिस्का मोड़ ओझा मार्केट रोड होते हुए निकले थे. बच्चों को अंतिम बार जोड़ा मंदिर के पास देखा गया था. चारों बच्चों ने जाने से पहले अपने घर में एक नोट भी छोड़ दिया था. जिसमें लिखा था, मम्मी हमें माफ कर दो. तुमसे बहुत दूर जा रहे हैं. खोजना मत. अगर हम कुछ बन गये, तो वापस जरूर आयेंगे और नहीं बन पाये, तो नहीं आयेंगे. हम आपस से बहुत प्यार करते हैं.
हर जगह तलाशा गया था बच्चों को
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन परेशान हो गये थे. परिजन इस आशंका से भी डरे हुए थे कि बच्चे कोई गलत कदम न उठा लें. इसलिए रात से लेकर सुबह तक परिजनों ने बच्चों की तलाश रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, आसपास के डैम, रिश्तेदार आदि स्थानों पर की. बच्चों के लापता होने से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था. पुलिस ने भी रांची रेलवे स्टेशन जाकर सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन बच्चों के बारे में सुराग नहीं मिला. बच्चों के नहीं मिलने से परिजन हताश हो गये थे, लेकिन शनिवार को चारों बच्चों के घर लौट आने पर परिजनों ने राहत की सांस ली.
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