जेल में बर्थडे पार्टी की तसवीर 24 जून, 2016 से पहले की : आइजी

हजारीबाग: जेल आइजी प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रभात खबर में प्रकाशित गैंगस्टर विकास तिवारी द्वारा बर्थ डे मनाने की तसवीर कब की है, इसकी जांच की गयी. पार्टी की तसवीर में जितने बंदी की तसवीर है, इसमें से तीन ही इस समय जेल में हैं. शेष जेल से रिहा हाे चुके हैं. पार्टी में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 8, 2017 7:15 AM

हजारीबाग: जेल आइजी प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रभात खबर में प्रकाशित गैंगस्टर विकास तिवारी द्वारा बर्थ डे मनाने की तसवीर कब की है, इसकी जांच की गयी. पार्टी की तसवीर में जितने बंदी की तसवीर है, इसमें से तीन ही इस समय जेल में हैं. शेष जेल से रिहा हाे चुके हैं. पार्टी में शामिल बंदी मो कलीम शेख भी है, जिसकी रिहाई 24 जून 2016 को हुई है. इसी तरह बंदी गुड्डू सिंह 10 जनवरी 2017 को जेल से बाहर आया है. विनोद कुमार यादव 22 मई 2017 को जेल से निकला है. बंदी विकास सिंह पांच माह पहले जेल से रिहा हुआ है. इसलिए यह तसवीर 24 जून 2016 से पहले की है.

आइजी ने बताया गया कि विकास तिवारी चार अगस्त 2015 से, संतोष पांडेय नौ जून 2015 से, कालीचरण महतो 10 जुलाई 2011 से और बबुआ पांडेय तीन जुलाई 2011 से जेल में अब तक है़ आइजी ने बताया कि पूरे झारखंड में अभी तक दो कारापाल और 17 कक्षपालों को कर्तव्य में लापरवाही के कारण निलंबित किया गया है. वर्तमान में जेपी केंद्रीय कारा के सभी पहलुओं की जांच कर इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जायेगी.

मौके पर डीसी रविशंकर शुक्ला, एसपी अनुप बिरथरे भी उपस्थित थे. जेल आइजी ने बताया कि बंदी विकास तिवारी जेपी केंद्रीय कारा के जिस सेल में बंद है, उसमें एक सप्ताह पहले सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. इस सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की गयी. इसमें बर्थ डे मनाने की कोई तसवीर नहीं मिली.

आइजी प्रशांत कुमार ने बताया कि जेपी केंद्रीय कारा में वर्तमान में 20 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं. इसे बढ़ाया जायेगा. लगभग 150 स्थानों पर नया सीसीटीवी कैमरा लगाया जायेगा. जेल परिसर में पावरफूल जैमर भी लगेगा. जेल गेट में दो टीयर फिक्सिंग जैमर यंत्र लगेगा. जो एसपी हजारीबाग के नियंत्रण में होगा.

आइजी, डीसी, एसपी ने दिन भर जांच की

जेल आइजी प्रशांत कुमार गुरुवार को हजारीबाग केंद्रीय कारा पहुंचे. आइजी सुबह 11 बजे जेपी केंद्रीय कारा के अंदर निरीक्षण व जांच के लिए पूरी टीम के साथ गये. टीम में एआइजी पीएन विद्यार्थी, डीसी रविशंकर शुक्ला, एसपी अनूप बिरथरे शामिल थे. जांच टीम ने दो घंटे तक जेल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया. बंद कैदियों की पूरी जानकारी ली. आइजी प्रशांत कुमार पूरी टीम के साथ जेल से निरीक्षण के बाद व्यवहार न्यायालय पहुंचे. जिला न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार सिंह और रजिस्ट्रार कमला तिवारी के साथ बैठक की. इसके बाद आइजी समेत सभी अधिकारियों का दल वापस जेपी केंद्रीय कारा पहुंचा. घंटों जांच चली.