12 स्थानीय निकायों ने नहीं बनाया अरबन पुअर फंड

रांची: स्थानीय निकायों द्वारा ‘अरबन पुअर फंड’ नहीं बनाये जाने से शहरी गरीबों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल सकीं. महालेखाकार (एजी) ने 17 स्थानीय निकायों के ऑडिट के बाद तैयार अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी पुनरुत्थान मिशन(जेएनएमयूआरएम) के तहत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 26, 2017 7:34 AM
रांची: स्थानीय निकायों द्वारा ‘अरबन पुअर फंड’ नहीं बनाये जाने से शहरी गरीबों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल सकीं. महालेखाकार (एजी) ने 17 स्थानीय निकायों के ऑडिट के बाद तैयार अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी पुनरुत्थान मिशन(जेएनएमयूआरएम) के तहत स्थानीय निकायों में ‘अरबन पुअर फंड’ बनाने का निर्देश दिया था. इसका उद्देश्य शहरी गरीबों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है. राज्य सरकार ने भी केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के आलोक में झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2001 में स्थानीय निकायों के अधीन अरबन पुअर फंड के गठन का प्रावधान किया था.

इस फंड का गठन स्थानीय निकायों को अपनी आमदनी के अलावा केंद्र और राज्य वित्त आयोग द्वारा दी जानेवाली राशि से करना था. नियमानुसार स्थानीय निकायों को अपने बजट का 25 प्रतिशत इसके लिए अलग रखना था. राज्य के 17 स्थानीय निकायों के ऑडिट में यह पाया गया कि इसमें से सिर्फ पांच ने ही अरबन पुअर फंड बनाया था. शेष 12 स्थानीय निकायों ने अरबन पुअर फंड नहीं बनाया था. इस कारण शहरी गरीबों को आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में पूरी सफलता नहीं मिल सकी.

अरबन पुअर फंड की स्थिति
स्थिति स्थानीय निकाय
नहीं बना चाईबासा नगर परिषद
नहीं बना चतरा नगर परिषद
नहीं बना चिरकुंडा नगर पंचायत
नहीं बना दुमका नगर परिषद
नहीं बना गढ़वा नगर पंचायत
नहीं बना गोड्डा नगर पंचायत
नहीं बना गुमला नगर परिषद
नहीं बना मधुपुर नगर परिषद
नहीं बना मेदनीनगर नगर परिषद
नहीं बना पाकुड़ नगर पंचायत
नहीं बना साहेबगंज नगर निगम
नहीं बना सिमडेगा नगर परिषद
बना गिरिडीह नगर परिषद
बना चास नगर निगम
बना जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र
बना जुगसलाई नगर पालिका
बना मानगो अधिसूचित क्षेत्र