रांची : दीपावली में अगलगी की संभावित घटनाओं के मद्देनजर अग्निशमन मुख्यालय ने तैयारी पूरी कर ली है. सभी दमकल गाड़ियों, हाइड्रोलिक प्लेटफार्म आदि को तैयार रखा गया है. पटाखा बिक्री वाले स्थानों पर दमकल की गाड़ियां जल्दी पहुंचें, इसकी भी व्यवस्था की गयी है.
प्रशासन द्वारा मोरहाबादी और हरमू बाजार में 500 लाइसेंसी दुकानदारों को पटाखा बिक्री का आदेश दिया गया है. उक्त स्थानों पर दमकल की गाड़ियां सुरक्षा के मद्देनजर मौजूद रहेंगी. आग बुझाने के लिए फोम और अन्य संसाधनों का भी इंतजाम विभाग की ओर से किया गया है. अग्निशमन मुख्यालय की ओर से सभी अग्निशमन केंद्रों को 24 घंटे तैयार रहने को कहा गया है. उधर, अग्निशमन महासमादेष्टा की ओर से सभी डीसी को पत्र भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि वे अपने स्तर से यह देखें कि पटाखों की बिक्री सुरक्षित तरीके से हो. लाइसेंसी विक्रेता ही पटाखों की बिक्री करें.
आपदा प्रबंधन की टीम ने पटाखा दुकानों का लिया जायजा : आपदा प्रबंधन विभाग की जिला स्तरीय टीम ने राजधानी के अपर बाजार, हरमू, मोरहाबादी, सर्कुलर रोड, थड़पकना और मेन रोड में पटाखा दुकानों का जायजा लिया. टीम का उद्देश्य अवैध रूप से पटाखा बेचने वाले दुकानदारों पर नकेल कसना था. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कहीं से अवैध पटाखें के बरामदगी की खबर नहीं है.
विभाग ने जारी किये निर्देश
- लाइसेंसी दुकानों से ही खरीदे पटाखा
- बच्चे किसी वयस्क की निगरानी में ही पटाखे छोड़ें
- पटाखों के पैकेट पर अंकित सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन किया जाये
- पटाखों को जलाने के लिए मोमबत्ती या अगरबत्ती का ही प्रयोग करें
- आग लगने पर प्रारंभिक अवस्था में ही उसे बुझाने के लिये नजदीक में ही पानी से भरी एक बाल्टी अवश्य रखी जाये
- हवाई पटाखों में आग लगाने से पहले यह सुनिश्चित हो लिया जाये कि उसकी दिशा सही है
- आतिशबाजी के समय सिंथेटिक कपड़े और लूज कपड़े नहीं पहनें. इसमें आग पकड़ने की संभावना ज्यादा होती है
- तेज आवाज करने वाले पटाखों से बच्चों को दूर रखें
- आतिशबाजी भरसक किसी खाली स्थान पर की जाये
- आतिशबाजी के बाद उसकेे अवशेषों को जमीन के नीचे अथवा पानी में निस्तारित करे
- रात के 10 बजे से सुबह छह बजे के बीच तेज आवाज वाले पटाखें न जलायें
- पटाखों को हाथ में पकड़कर आग लगाने की भूल न करें
- बिजली के तार, पेड़ अथवा अन्य प्रकार के अवराेध के नीचे रॉकेट अथवा अन्य प्रकार के हवाई पटाखें न जलायें. यह जानलेवा हो सकता है
- आम रास्ता या खुली सड़क अथवा घर के अंदर आतिशबाजी न करें
- घनी आबादी अथवा भीड़ वाले स्थान पर आतिशबाजी न करें
- अधजले पटाखों को कभी भी नजदीक से देखने की भूल न करें. न ही उसे दोबारा जलायें
- अवैध तौर पर बनाये गये पटाखें न जलायें
- बच्चों को कभी अकेले आतिशबाजी न करने दें.