जमशेदपुर में जनजातीय सम्मेलन संवाद 15 नवंबर से

रांची: टाटा स्टील के सौजन्य से जमशेदपुर के गोपाल मैदान में 15 से 19 नवंबर तक जनजातीय सम्मेलन-संवाद ‘टाटा स्टील ट्राइबल कॉनक्लेव’ का आयोजन किया जायेगा. इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान देश भर के 500 जनजातीय युवा नेतृत्व का जुटान होगा. यह जानकारी टाटा स्टील के चीफ, सीएसआर विरेन भूटा व सौरभ रॉय तथा […]

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रांची: टाटा स्टील के सौजन्य से जमशेदपुर के गोपाल मैदान में 15 से 19 नवंबर तक जनजातीय सम्मेलन-संवाद ‘टाटा स्टील ट्राइबल कॉनक्लेव’ का आयोजन किया जायेगा. इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान देश भर के 500 जनजातीय युवा नेतृत्व का जुटान होगा. यह जानकारी टाटा स्टील के चीफ, सीएसआर विरेन भूटा व सौरभ रॉय तथा सीनियर मैनेजर कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन अमरेश सिन्हा ने होटल बीएनआर में आयोजित प्रेस वार्ता में दी.

अधिकारियों ने बताया कि संवाद में अॉस्ट्रेलिया, कनाडा, केन्या और जिंबाब्वे जैसे देशों के जनजातीय प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे. यह आयोजन देश भर के 127 जिलों के 103 जनजातीय समुदायों के उक्त पांच सौ युवाअों को अपने मुद्दों पर आपसी बातचीत व अनुभव साझा करने का बड़ा मंच होगा. इन लोगों को देश भर की गैर सरकारी और अन्य संस्थाअों के सहयोग से उनकी नेतृत्व क्षमता व उपलब्धि के आधार पर चुना गया है. इस आयोजन में जनजातीय कला-संस्कृति, संगीत, खान-पान, पारंपरिक अौषधि, साहित्य, फिल्म प्रतियोगिता व कार्यशाला के बीच हजारों जनजातीय लोगों का एक महासंगम होगा. श्री भूटा ने बताया कि टाटा स्टील की ओर से इस सम्मेलन की शुरुआत वर्ष 2014 में की गयी थी. यह चौथा आयोजन है. इस बीच जमशेदपुर के वृहद आयोजन को छोड़ क्षेत्रीय संवाद व लघु सम्मेलन के रूप में यह कार्यक्रम बड़ौदा, मैसूर, शिलांग, नर्मदा, वायनार, अमरकंटक व असम में आयोजित होता रहा है. हर वर्ष यह आयोजन 15 नवंबर से ही शुरू होता है.
क्या-क्या होगा
कार्यशाला : कुपोषण तथा जनजातियों के संवैधानिक अधिकार जैसे ज्वलंत विषयों पर कार्यशाला सोनारी स्थित ट्राइबल कल्चरल सेंटर में होगा. इसमें बांग्लादेश के नोबेल शांत पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनूस व पद्मश्री शांता सिन्हा सहित देश भर के 19 विशेषज्ञ अपने विचार व्यक्त करेंगे तथा लोगों के सवालों के जवाब देंगे.
खान-पान व अन्य : सम्मेलन के दौरान जनजातीय फूड फेस्टिवल का भी आयोजन होगा. टाटा ग्रुप का होटल ताज इस फेस्टिवल में सहयोग कर रहा है. जनजातीय पारंपरिक व्यंजन का स्वाद लोगों का याद रहेगा. प्रचीन काल से प्रमाणित व लोकप्रिय जनजातीय अौषधि से भी लोगों का परिचय कराया जायेगा. अौषधि के कुल 20 स्टॉल होंगे. वहीं हस्तशिल्प के सामान भी सम्मेलन में प्रदर्शित होगा.
फिल्म प्रतियोगिता : इस प्रतियोगिता के लिए देश भर के जनजातीय नवाचार फिल्मकारों की लघु फिल्में आमंत्रित की गयी थी. कुल 75 इंट्री आयी हैं. इनमें से बेहतर फिल्मों के चयन के लिए झारखंड के निरंजन कुजूर सहित देश भर के एक्सपर्ट की निर्णायक मंडली बनायी गयी है.
रोमांचक खेलकूद : इसके तहत नागा कुश्ती (चखेसंग जनजाति), हंबी केपाथू (करबी जनजाति असम), काती (संताल जनजाति झारखंड व अोड़िशा) तथा सेक्कोर (हो जनजाति झारखंड) जैसे रोमांचक खेल होंगे.
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