झारखंड : इस्लामनगर के विस्थापितों के लिए बनेंगे 444 आवास, बाउंड्रीवॉल का काम जारी

रांची : इस्लामनगर के विस्थापितों के लिए 444 आवास बनेंगे. जुडको द्वारा इसके शिलान्यास की तैयारी की जा रही है. इस्लामनगर पॉलिटेक्निक की 3.5 एकड़ भूमि पर विस्थापितों के लिए आवासीय कॉलोनी बनायी जायेगी. 30 करोड़ की लागत से आवास का निर्माण होगा. जुडको द्वारा निकाली गयी निविदा में रॉकडिल इंडिया को आवास निर्माण का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : इस्लामनगर के विस्थापितों के लिए 444 आवास बनेंगे. जुडको द्वारा इसके शिलान्यास की तैयारी की जा रही है. इस्लामनगर पॉलिटेक्निक की 3.5 एकड़ भूमि पर विस्थापितों के लिए आवासीय कॉलोनी बनायी जायेगी. 30 करोड़ की लागत से आवास का निर्माण होगा. जुडको द्वारा निकाली गयी निविदा में रॉकडिल इंडिया को आवास निर्माण का काम मिला है. 24 महीने में निर्माण कार्य पूरा करना है.
इस अावासीय कॉलोनी में एक मदरसा और एक स्कूल का भवन भी बनेगा. 444 फ्लैट में एक फ्लैट 30 वर्गमीटर का होगा. इसमें एक बेडरूम, हॉल, किचन व शौचालय भी होगा. कुल तीन ब्लॉक में फ्लैट होंगे. ब्लॉक वन ए और वन बी में 206 आवास होंगे. वहीं, ब्लॉक बी में 238 आवास होंगे.
30 करोड़ की लागत से आवास का निर्माण होगा
24 महीने में पूरा होगा अावासों का निर्माण कार्य
बाउंड्रीवॉल का काम चल रहा है
जुडको के सूत्रों ने बताया कि अभी 3.5 एकड़ भूमि में बाउंड्रीवाॅल निर्माण का काम चल रहा है. बाउंड्रीवाॅल के अंदर अभी जो लोग रह रहें, उन्हें अन्यत्र रहने के लिए कहा गया है, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आये. निर्माण कार्य पूरा होते ही सबको अावास नगर निगम द्वारा आवंटित किया जायेगा.
जुडको द्वारा शिलान्यास की तिथि का आग्रह नगर विकास विभाग से किया गया है. नगर विकास विभाग द्वारा अब सीएम के पास तिथि का प्रस्ताव भेजा जायेगा. इसके बाद शिलान्यास किया जायेगा. संभावना जतायी जा रही है कि रघुवर सरकार के तीन वर्ष पूरा होने के मौके पर इस्लाम नगर का शिलान्यास किया जायेगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >