अनगड़ा: कुदरत ने अनगड़ा प्रखंड को खूबसूरती से नवाजा है. यहां हुंडरू फॉल, जोन्हा फॉल व सीता फॉल जैसे प्रख्यात पर्यटन स्थल हैं, तो चुंदरी फॉल व छोटा हुंडरूफॉल जैसे गुमनाम जलप्रपात भी. चुंदरी फॉल बरवादाग पंचायत क्षेत्र के सुदूर जंगलों के बीचोंबीच स्थित है. यहां पहुंचने के लिए करीब एक घंटा पैदल चलना पड़ता है. यहां पहुंचते ही फॉल की सुंदरता देखकर सारी थकान मिट जाती है. नये साल पर काफी संख्या में स्थानीय लोग यहां वनभोज के लिए पहुंचते हैं.
ग्रामीणों के अनुसार चुंदरी फॉल में चेक डैम बनाकर पाइप के माध्यम से गुरुत्वाकर्षण के जरिये खेतों एवं घरों तक पानी पहुंचाया जाये, तो पूरे पंचायत में सिंचाई व पेयजल की समस्या दूर हो जायेगी. ग्रामीणों का कहना है कि राजाडेरा पंचायत के तिरलाकोचा में रामकृष्ण मिशन यह प्रयोग सफलतापूर्वक कर चुका है. तिरलाकोचा में पहाड़ का पानी सालों भर खेत, घरों एवं स्कूल में गुरुत्वाकर्षण के जरिये बगैर किसी खर्च के पहुंच रहा है. सीताडीह के ग्राम प्रधान राजेश बेदिया, वार्ड सदस्य प्रदीप बेदिया, पूर्व वार्ड सदस्य बुधराम बेदिया, दिवाकर बेदिया, उदय बेदिया, बरवादाग के गणेश पातर, सत्यदेव मुंडा सहित अन्य ने बताया कि उक्त सारा क्षेत्र वन विभाग के अधीन है. वन विभाग के थोड़े प्रयास से ही इस क्षेत्र के एक हजार किसानों की स्थिति बदल जायेगी. गरमी में आसपास के कई किसान कच्ची नालियां बना कर अपने खेतों तक गुरुत्वाकर्षण के जरिये चुंदरीफॉल का पानी पहुंचाते हैं.
ग्रामीणों ने वन विभाग से फॉल तक पहुंच पथ बनाने का आग्रह भी किया है. उनका कहना है कि रोड बनने से यह क्षेत्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा एवं स्थानीय ग्रामीणों के रोजगार के साधन बढ़ेंगे. इसी प्रकार छोटा हुंडरू फॉल रूसुजारा व पुटादाग के जंगलों में स्थित है. यहां से भी सुरसू व हलमाद पंचायत के किसान कच्ची नालियों के जरिये पानी ले जाकर कृषि कार्य करते हैं. पूर्व डिप्टी सीएम सुदेश कुमार महतो इसे विकसित करने के लिए वन विभाग व लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं.