शीतकालीन सत्र : स्थानीय नीति व मोमेंटम झारखंड पर हंगामा

सदन में अंतिम दिन भी शोर-शराबे के कारण बाधित रही कार्यवाही स्थानीय नीति व मोमेंटम झारखंड को लेकर शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को भी जम कर हंगामा हुआ. पहली पाली में एक घंटे तक सदन में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला. इस दौरान झामुमो विधायकों ने वेल में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
सदन में अंतिम दिन भी शोर-शराबे के कारण बाधित रही कार्यवाही
स्थानीय नीति व मोमेंटम झारखंड को लेकर शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को भी जम कर हंगामा हुआ. पहली पाली में एक घंटे तक सदन में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला. इस दौरान झामुमो विधायकों ने वेल में आकर स्थानीय नीति व भूमि अधिग्रहण बिल को वापस करने को लेकर नारेबाजी की. सदन की कार्यवाही बाधित होने की वजह से विधायकों के एक भी सवाल नहीं उठ पाये. स्पीकर ने हंगामा को देखते हुए दिन के 12 बजे सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
विधायकों के आचरण से क्षुब्ध होकर स्पीकर दिनेश उरांव को आसन से खड़ा होना पड़ा. कहा कि सदन की गरिमा तार-तार हो रही है. विधायक धैर्य रखें. फिर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यही रवैया रहा, तो मार्शल आउट कराने पर मजबूर होना पड़ेगा.
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सदन राज्य की सबसे बड़ी पंचायत है. यहां वाद-विवाद और चर्चा होनी चाहिए. चर्चा न करा कर हठधर्मिता का परिचय देना लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है. देश को आजाद हुए 70 वर्ष हो गये. झामुमो के गठन को भी 47 वर्ष पूरे हो गये हैं. लेकिन झामुमो ने इतने वर्षों में आदिवासी-मूलवासी को सिर्फ ठगा है.
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में झारखंड, छत्तीसगढ़ व उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा प्रदान किया. झारखंड को छोड़ दोनों राज्यों ने वर्ष 2001 में ही स्थानीय नीति परिभाषित कर दी. परंतु राज्य गठन के 14 साल तक स्थानीय नीति के नाम पर यहां के स्थानीय, बेरोजगार व नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया. हमारी सरकार बनने के एक वर्ष के अंदर स्थानीय नीति को परिभाषित किया गया. अब तक राज्य में 24,656 लोगों की सरकारी पदों पर बहाली हुई है. इसमें सिर्फ 1131 ही राज्य से बाहर के अभ्यर्थी हैं. 95 प्रतिशत स्थानीय लोग हैं. झामुमो ने स्थानीय लोगों को बेवकूफ बनाया है. अब इन्हें झंडा ढोने वाला भी नहीं मिलेगा. इसलिए ये बौखलाये हैं.
सीएम ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी के नाम पर छद्म राजनीति हो रही है. आदिवासी-मूलवासी की संस्कृति को नष्ट करने को लेकर चुंबन प्रतियोगिता आयोजित करते हैं. झामुमो यहां की आदिवासी संस्कृति को मिटाना चाहता है. यह झारखंड में कभी सफल नहीं होगी.
हो रही जमीन की लूट : हेमंत
हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दिया जा रहा है. ऐसे कैसे चलेगा. मोमेंटम झारखंड के नाम पर जमीन की लूट हो रही है. एक-एक लाख की कंपनी के साथ एमओयू कर अरबों रुपये की जमीन दे गयी है. यहां पर जमीन की बंदरबांट हो रही है. पलामू के छात्र दूसरे जिले से फॉर्म नहीं भर सकते हैं. इससे पता चलता है कि सरकार छात्रों के प्रति कितनी गंभीर है.
बासुकीनाथ के अग्नि पीड़ितों को मिलेगा 8.32 लाख का मुआवजा
रांची : बासुकीनाथ के अग्नि पीड़ितों को सरकार 8.32 लाख रुपये का मुआवजा देगी. वहीं उत्क्रमित मध्य विद्यालय हतनंगा की दो छात्राओं (मरणोपरांत) के आश्रितों को एक-एक लाख रुपये का आर्थिक सहयोग करेगी. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने यह घोषणा विधायक बादल को बुला कर की. इसके बाद सदन में विधायक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया.
पहली पाली में सदन की कार्यवाही के दौरान विधायक बादल ने बासुकीनाथ में आगजनी से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिलाने और उत्क्रमित मध्य विद्यालय हतनंगा की दो छात्राओं के परिजनों को आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के मामले को उठाया था. सदन को बताया था कि बासुकीनाथ में आगजनी की लगातार तीन घटनाएं हो चुकी हैं. 24 परिवार एक माह से खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं. अब तक उन्हें मुआवजा भी नहीं मिला है. बताया गया कि उत्क्रमित विद्यालय हतनंगा में शौचालय नहीं होने के कारण दो छात्राएं स्कूल के दौरान शौच के लिए तालाब गयी थीं. जहां डूबने के कारण उनकी मौत गयी. अब तक छात्राओं के परिजनों को मुआवजा नहीं मिला है.
फुदक-फुदक कर बोलते हैं सदन के नेता व नेता प्रतिपक्ष
रांची. सदन में पहली पाली के दौरान झाविमो विधायक प्रदीप यादव ने बार-बार सदन नेता व नेता प्रतिपक्ष को खड़ा होकर बोलने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सदन नेता व नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा है. पद की गरिमा के अनुरूप ही आचरण होना चाहिए. विधायक की तरह इनका बार-बार खड़ा हो कर बोलना उचित नहीं है. जैसे ही मौका मिलता है फुदक-फुदक कर बोलने लगते हैं सदन नेता व नेता प्रतिपक्ष़ सत्ता पक्ष की ओर से यह कहे जाने पर सदन नेता बार-बार खड़ा नहीं हुए हैं. इस पर प्रदीप यादव ने कहा कि इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग से जांच करा ली जाये. अगर ऐसा नहीं पाया गया,तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे.
सहिस ने कहा कुरमी/कुड़मी को एसटी बनायें
रांची : सदन में शुक्रवार को मुद्दों को लेकर आजसू-झामुमो विधायकों के बीच नोक-झोंक की चर्चा रही. हुआ यूं कि कुरमी/कुड़मी को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग कर रहे आजसू विधायक रामचंद्र सहिस आसन के समक्ष अपनी बात रख रहे थे. इस दौरान श्री सहिस ने जैसे ही कहा कि सरकार कुरमी/कुड़मी को अनुसूचित जनजाति में शामिल करे, सदन में मौजूद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने विधायक सहिस की बात को बीच में काटते हुए स्पीकर से कहा कि-महोदय, मुझको ब्राह्मण बना दीजिए और आप लोग आदिवासी बन जाइए.
इससे पहले अपनी मांगों को लेकर आजसू विधायक रामचंद्र सहिस ने विधानसभा के समक्ष पोस्टर लेकर धरना पर भी बैठे. उन्होंने कहा कि सीएनटी एक्ट की धारा 46 का लाभ कुरमी जाति के लोगों को मिलता रहा है. 1950 में जब बिहार के लिए एसटी लिस्ट बनायी गयी, तो इस जाति का नाम गलती से नहीं, बल्कि षड्यंत्र कर हटा दिया गया था.
स्पीकर ने कहा, मार्शल आउट कराना पड़ेगा
सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होने से स्पीकर दिनेश उरांव क्षुब्ध हो गये. उन्हें अपने आसन से खड़ा होना पड़ा. सख्ती बरतते हुए उन्होंने विधायकों को बैठ जाने की चेतावनी दी. कहा कि सदन की गरिमा तार-तार हो रही है. विधायक धैर्य रखें. अगर यही रवैया रहा, तो मार्शल आउट कराना पड़ेगा.
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