आवास निर्माण के लिए सीएनटी में थाना क्षेत्र की बाध्यता करें खत्म

रांची : झारखंड जनजातीय परामर्शदातृ समिति (टीएसी) की गठित उपसमिति ने सीएनटी व एसपीटी में भूमि के क्रय-विक्रय के प्रावधानों पर संताल के तीन जिलों में बुद्धिजीवी समेत स्थानीय लोगों से सुझाव लिया है. दुमका, गोड्डा व जामताड़ा के अधिकांश लोगों ने आवासीय निर्माण के लिए सीएनटी एक्ट में थाना क्षेत्र की बाध्यता को समाप्त […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 9, 2018 8:29 AM
रांची : झारखंड जनजातीय परामर्शदातृ समिति (टीएसी) की गठित उपसमिति ने सीएनटी व एसपीटी में भूमि के क्रय-विक्रय के प्रावधानों पर संताल के तीन जिलों में बुद्धिजीवी समेत स्थानीय लोगों से सुझाव लिया है. दुमका, गोड्डा व जामताड़ा के अधिकांश लोगों ने आवासीय निर्माण के लिए सीएनटी एक्ट में थाना क्षेत्र की बाध्यता को समाप्त करने का सुझाव दिया है.
उप समिति ने तीनों जिलों में स्थानीय व बुद्धिजीवियों के साथ बैठक कर सुझाव लिया है. इसमें विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों समेत कई लोग शामिल थे.
समिति की ओर से बैठक की रिकॉर्डिंग भी करायी गयी है. उप समितिअब संताल के पाकुड़ व साहेबगंज जिले में लोगों के साथ बैठक करेगी. इसके बाद राज्य के दूसरे जिलों में जाकर भी इस पर आम लोगों से मंतव्य लिया जायेगा. आमलोगों का सुझाव आने के बाद उप समिति अपनी रिपोर्ट टीएसी को सौंपगी. समिति इस पर भी निर्णय लेगी कि आवासीय निर्माण के लिए एक ट्राइबल दूसरे थाना क्षेत्र में अधिकतम कितनी जमीन की खरीद-बिक्री कर सकता है. सीएनटी एक्ट में प्रावधान है कि एक ही थाना में पड़ने वाले ट्राइबल व्यक्ति जमीन की खरीद-बिक्री कर सकते हैं. कल्याण मंत्री लुईस मरांडी उप समिति की अध्यक्ष हैं.
वहीं, समिति में विधायक राम कुमार पाहन, मेनका सरदार व जेबी तुबिद भी शामिल हैं. समिति की ओर से संताल परगना में एसपीटी के तहत गैर जनजातियों के द्वारा गैर जनजातीय लोगों को भूमि के क्रय- विक्रय के संबंध में सुझाव लिये जा रहे हैं. सरकार की ओर से सीएनटी एक्ट में किये गये संशोधन को वापस लेने के बाद टीएसी की बैठक में उप समिति का गठन किया गया है.