खुलेगा स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर, भेजा गया प्रस्ताव

रांची : स्वास्थ्य विभाग ने राज्य का पहला स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर खोलने संबंधी प्रस्ताव तैयार किया है. केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के निर्देश पर तैयार यह प्रस्ताव मंत्रालय को उसकी मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है. मंत्रालय ने सड़क दुर्घटना तथा टीबी व अन्य बीमारी के कारण स्पाइनल इंज्यूरी (रीढ़ की हड्डी […]

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रांची : स्वास्थ्य विभाग ने राज्य का पहला स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर खोलने संबंधी प्रस्ताव तैयार किया है. केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के निर्देश पर तैयार यह प्रस्ताव मंत्रालय को उसकी मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है.
मंत्रालय ने सड़क दुर्घटना तथा टीबी व अन्य बीमारी के कारण स्पाइनल इंज्यूरी (रीढ़ की हड्डी में चोट) के बढ़ते मामले तथा इस परिस्थिति में मरीज के असहाय व अपंग हो जाने सहित इससे लंबे समय तक न उबर पाने का हवाला देते हुए कम से कम 12 बेड वाले इस सेंटर की स्थापना की सलाह दी थी.
इससे संबंधित कोई अध्ययन तो नहीं हुआ है, पर एक अनुमान के मुताबिक देश भर में हर वर्ष स्पाइनल इंज्यूरी के करीब 20 हजार मामले होते हैं. राज्य को इस सेंटर की स्थापना के लिए केंद्रीय मंत्रालय से कुल 3.08 करोड़ रु की वित्तीय सहायता मिलेगी. वहीं कुल 12 में से अधिकतम 10 बेड पर गरीबों के इलाज के लिए केंद्र सरकार एक हजार रु प्रति बेड प्रति दिन के हिसाब से राज्य सरकार को अधिकतम 36 लाख रु की वार्षिक वित्तीय मदद भी देगी.
इसके अलावा सेंटर में पदस्थापित कर्मियों के प्रशिक्षण का खर्च भी दिया जायेगा. केंद्र के अनुसार स्पाइनल इंज्यूरी से न सिर्फ मरीज बल्कि पूरा परिवार सामाजिक, आर्थिक व भावनात्मक रूप से टूट जाता है. इसलिए स्पाइनल इंज्यूरी से प्रभावित लोगों के लिए यह सेंटर खोलने को प्राथमिकता देने को कहा गया है. यहां मरीज का इलाज व पुनर्वास का काम होगा. इधर राज्य सरकार ने रांची सदर अस्पताल परिसर में यह सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया है.
प्रस्ताव बनाने में लग गया एक साल
स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर का प्रस्ताव बनाने में राज्य सरकार को साल भर लग गये. जबकि केंद्र सरकार ने दिसंबर 2016 में ही राज्य सरकार को इससे संबंधित पत्र लिखा था. दरअसल, यह चिट्ठी समाज कल्याण विभाग को मिली थी. इसके बाद समाज कल्याण विभाग के पूर्व सचिव एमएस भाटिया ने नौ फरवरी 2017 को ही पत्र स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया था. पर प्रस्ताव तैयार करने में साल भर लग गये.
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