निफ्ट को राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनायेंगे

एक्सीलेंस इन मैन्यूफैक्चरिंग एंड न्यू होराइजन मैपिंग द पाथवे पर हुई गोष्ठी स्थानीय कलाकृति में शोध व सृजनशीलता की जल्द शुरुआत की जायेगी मैन्यूफैक्चरिंग और फाउंड्री फोर्ज टेक्नोलॉजी के नये पाठ्यक्रम शुरू होंगे रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाउंड्री एंड फोर्ज टेक्नोलॉजी (निफ्ट) को राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
एक्सीलेंस इन मैन्यूफैक्चरिंग एंड न्यू होराइजन मैपिंग द पाथवे पर हुई गोष्ठी
स्थानीय कलाकृति में शोध व सृजनशीलता की जल्द शुरुआत की जायेगी
मैन्यूफैक्चरिंग और फाउंड्री फोर्ज टेक्नोलॉजी के नये पाठ्यक्रम शुरू होंगे
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाउंड्री एंड फोर्ज टेक्नोलॉजी (निफ्ट) को राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनायेगी. उन्होंने कहा है कि इसके लिए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को वह खुद पत्र लिख कर इस दिशा में पहल करेंगे. उन्होंने कहा कि झारखंड में निफ्ट जैसे संस्थान का होना राज्य के लिए गर्व की बात है. निफ्ट के सहयोग से हस्तकला और स्थानीय कलाकृति में शोध तथा सृजनशीलता की जल्द शुरुआत की जायेगी. वृहस्पतिवार को निफ्ट के नवीकृत प्रेक्षागृह भवन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने ये बातें कही.
उन्होंने एक्सीलेंस इन मैन्यूफैक्चरिंग एंड न्यू होराइजन मैपिंग द पाथवे गोष्ठी की औपचारिक शुरुआत भी की. उन्होंने कहा कि आधुनिक युग विज्ञापन और प्रचार का युग है. ऐसे में झारखंड की हस्तकला को नया स्वरूप दिये जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था में मैन्यूफैक्चरिंग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार मिलेंगे. राज्य सरकार भी इन्हीं दो सेक्टरों को अधिक प्राथमिकता दे रही है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करोड़ों नवयुवकों, युवतियों को हुनरमंद बनाने के लिए स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की है. झारखंड में भी स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है. देश ही नहीं राज्य के 90 फीसदी युवाओं के पास डिग्री व डिप्लोमा तो है, पर हुनर की कमी है. इन्हें हुनरमंद बना कर रोजगार दिलाने के लिए आगे बढ़ने की जरूरत है. राज्य सरकार भी स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के मौके पर ऐसे 25 हजार युवक व युवतियों को नौकरी दे रही है. स्वामी विवेकानंद कहते थे कि गरीब, दलित बच्चों को रोजगार देने से ही समाज आगे बढ़ेगा.
इंजीनियरों के स्किल को बढ़ाया जायेगा : सीएमडी
एचइसी के सीएमडी अभिजीत घोष ने कहा कि 14 सितंबर 2014 को मेक इन इंडिया अभियान की शुरुआत की गयी थी. अब हम इस दिशा में काफी आगे बढ़ गये हैं. निफ्ट और आइआइटी खड़गपुर के साथ मिल कर दक्षता बढ़ाने की दिशा में एचइसी काम कर रहा है. एचइसी सीनीसीमास के साथ मिल कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर रहा है.
इसमें इंजीनियरों के स्किल को बढ़ाया जायेगा. केंद्रीय संयुक्त सचिव मधुरंजन कुमार ने कहा कि निफ्ट अपने स्थापना के बाद से कहीं पिछड़ गया है. केंद्र सरकार चाहती है कि निफ्ट को नया स्वरूप दिया जाये. इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की गयी है. समिति की सिफारिशों पर केंद्र विचार कर रही है. निफ्ट के निदेशक प्रो पीपी चट्टोपाध्याय ने कहा कि 1966 में निफ्ट की स्थापना हुई थी. अब इसे विशेष संस्थान का दर्जा दिये जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बाबा नीलकंठ कल्पानी कमेटी ने निफ्ट को अपग्रेड करने की अनुशंसा की है.
उन्होंने कहा कि आनेवाले दिनों में मैन्यूफैक्चरिंग और फाउंड्री फोर्ज टेक्नोलॉजी के नये पाठ्यक्रम शुरू किये जायेंगे. कार्यक्रम में आइआइटी खड़गपुर के पूर्व निदेशक प्रो अमिताभ घोष, खान एवं भूतत्व सचिव सुनील बर्णवाल, रांची विवि के कुलपति प्रो रमेश पांडेय, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के झारखंड चैप्टर के संजय सेन समेत अन्य मौजूद थे. सभी अतिथियों का स्वागत डॉ विजय टोप्पो ने किया.
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