रांची: खूंटी की अखता गांव निवासी बुधनी कच्छप ने महिला आयोग को पत्र लिख कर मदद की गुहार लगायी है. बुधनी ने पत्र में लिखा है कि गांव के लोग उस पर डायन बिसाही का आरोप लगा कर प्रताड़ित कर रहे हैं. उसने कहा है कि गांव जब भी किसी व्यक्ति या जानवर की मौत होती है, तो उसका इल्जाम उस पर लगाया जाता है. विरोध करने पर पंचायत में उसकी पिटाई की जाती है.
पंचायत के द्वारा आर्थिक दंड भी लगाया जाता है. दंड की भरपाई के लिए बुधनी ने अपनी सारी जमीन बंधक रख दी है. पिछले 14 अप्रैल को उसके जेठ की बेटी की मौत हो गयी थी.
इसके लिए भी उसे जिम्मेदार ठहराया गया. उसी दिन पंचायत बुला कर ग्राम प्रधान अमृत तिरू ने दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया. इसके लिए थोड़ी सी बची जमीन को बंधक रख कर उसने 11 हजार रुपये जुटाय़े. शेष राशि देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है. पंचायत ने बच्चे सहित गांव छोड़ने का फरमान जारी किया है. पैसे नहीं देने की स्थिति में जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है. बुधनी ने अखता के ग्राम प्रधान अमृत तिरू, गुज्जू पाहन, उसकी पत्नी, भाभी, बुधवा पाहन, कोका मुंडा मादी टोप्पो सहित अन्य के खिलाफ आरोप लगाया है.