झारखंड : सीएम के वरीय आप्त सचिव के नाम पर ठगी मामले में केस

रांची : मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव अंजन सरकार के नाम पर ठगी करने के मामले में कोतवाली थाना मेंप्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी गया के इमामगंज थाना के सलैया निवासी सुबोध यादव के खिलाफ दर्ज की गयी है. दरअसल सुबोध यादव ने अंजन सरकार के नाम पर एक पुलिस अधिकारी सहित कई लोगों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव अंजन सरकार के नाम पर ठगी करने के मामले में कोतवाली थाना मेंप्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी गया के इमामगंज थाना के सलैया निवासी सुबोध यादव के खिलाफ दर्ज की गयी है.
दरअसल सुबोध यादव ने अंजन सरकार के नाम पर एक पुलिस अधिकारी सहित कई लोगों से ठगी की थी. धीरे-धीरे यह मामला कोतवाली इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल के संज्ञान में आया. श्यामानंदन मंडल इसके बाद अंजन सरकार बने सुबोध यादव के बारे में पता लगाने में जुट गये. इसी क्रम में उन्हें सुबोध का फोन नंबर मिला. उन्होंने बड़ा ठेकेदार बनकर उससे बातचीत शुरू की. फिर रोड का बड़ा ठेका दिलाने की बात सुबोध से की. इसी क्रम में सुबोध ने एक पोकेलेन मशीन की मांग की. तब ठेकेदार बने कोतवाली इंस्पेक्टर ने कांटा टोली के आगे हजारीबाग रोड स्थित जेसीबी कंपनी के पोकलेन मशीन के डीलर के मैनेजर जी अंजनी कुमार राव से बात की. उन्हें दो लाख रुपये कैश दिया गया.
मैनेजर ने कहा कि वे लोग कैश पर काम नहीं करते, इसके लिए चेक देना पड़ता है, तो उन्हें धुर्वा स्थित एक बैंक में पैसा जमा करने काे कहा गया. कोतवाली इंस्पेक्टर इस दौरान अंजन सरकार बने सुबोध यादव से बात कर रहे थे. उन्होंने ही मैनेजर को धुर्वा स्थित बैंक जाने को कहा. वहां सुबोध यादव अपना अादमी भेजनेवाला था़
सादे लिबास में स्पेशल ब्रांच के दो इंस्पेक्टर और कुछ पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थे़ लेकिन सुबोध यादव को इसकी भनक लग गयी और वह नहीं आया. हालांकि पुलिस को सुबोध यादव की सारी डिटेल मिल गयी है. पुलिस शीघ्र ही उसको गिरफ्तार करेगी़ इधर, पोकलेन मशीन के डीलर के मैनेजर जी अंजनी कुमार राव को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया था, बल्कि सुबोध यादव की गिरफ्तारी में पुलिस उनसे मदद ले रही थी.
जेवीएम की स्कूल बस ने मारा था धक्का पीड़ित बोला : प्रबंधन ने खबर तक नहीं ली
रांची. हरमू रोड के सहजानंद चौक के पास जेवीएम श्यामली की बस ने गाड़ीखाना शनि मंदिर के समीप रहनेवाले प्रवीण जैन को धक्का मार दिया था़ इस घटना में उनका पैर कुचल गया था़ इस संबंध में प्रवीण जैन के बयान पर अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
प्रवीण के इलाज में डेढ़ लाख रुपये का खर्च आया था. उस समय स्कूल प्रबंधन की ओर से प्रवीण जैन को मदद करने की बात कही गयी थी़ प्रवीण जैन ने कहा कि स्कूल प्रबंधन अब तक न तो उनके पास संवेदना व्यक्त करने आया और न ही कोई खर्च दिया. प्रवीण जैन का कहना है कि वह प्राइवेट जॉब करते है़ं उनकी नौकरी छूट गयी है़ उनके सामने भुखमरी की नौबत है. उनके दो बच्चे है़ं उनकी शिक्षा-दीक्षा में परेशानी हो रही है़ जो भी जमा पूंजी थी, इलाज में खर्च हो गयी.
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