रांची : चार राज्यों की स्थानीय नीति का अध्ययन करेगी उच्चस्तरीय समिति, अब 16 फरवरी को होगी अगली बैठक

रांची : स्थानीय और नियोजन नीति की समीक्षा को लेकर गठित उच्चस्तरीय समिति छत्तीसगढ़, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में लागू स्थानीय नीति का अध्ययन करेगी. इसे लेकर सचिवों को तीन राज्यों से नीति संबंधित कॉपी मंगाने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर समिति महाधिवक्ता से भी परामर्श लेगी. यह निर्णय बुधवार को नेतरहाट […]

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रांची : स्थानीय और नियोजन नीति की समीक्षा को लेकर गठित उच्चस्तरीय समिति छत्तीसगढ़, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में लागू स्थानीय नीति का अध्ययन करेगी. इसे लेकर सचिवों को तीन राज्यों से नीति संबंधित कॉपी मंगाने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर समिति महाधिवक्ता से भी परामर्श लेगी. यह निर्णय बुधवार को नेतरहाट में स्थानीय और नियोजन नीति की समीक्षा को लेकर गठित समिति की पहली बैठक में लिया गया.
समिति की अगली बैठक 16 फरवरी को होगी. मंत्री अमर बाउरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने सुझाव दिया कि जब तक समिति का अंतिम निर्णय नहीं होता है, तब तक नियुक्तियां स्थगित रखी जाये. कुछ सदस्यों ने राज्य के गैर अनुसूचित 11 जिलों में तृतीय व चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति के लिए 13 अनुसूचित जिलों के अनुरूप ही स्थानीय-नियोजन नीति बनाने की मांग की. हालांकि, इस पर कोई फैसला नहीं हो सका.
तय किया गया कि अन्य राज्यों में लागू नियमों को देखते हुए कानूनी पहलुओं को ध्यान में रख कर समिति अपनी अनुशंसा करेगी. कमेटी में विधायक राधाकृष्ण किशोर, सत्येंद्र नाथ तिवारी, राज सिन्हा, अमित मंडल और कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे शामिल थीं. नेतरहाट में मुख्यमंत्री के आदेश से भाजपा विधायक रामकुमार पाहन को भी समिति में शामिल किया गया. समिति के सभी सदस्य बैठक में शामिल हुए.
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