II मनोज सिंह II
रांची : झारखंड सरकार ने लगातार दूसरे साल कृषि बजट तैयार किया है. इसे सदन में पारित भी करा लिया गया है. गिलोटिन में पारित कराये गये बजट के कारण इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकी थी.
सरकार ने अानेवाले वित्तीय वर्ष में 5807 करोड़ रुपये का प्रावधान कृषि बजट में रखा है. यह चालू वित्तीय वर्ष से करीब आठ फीसदी अधिक है. कृषि बजट में 12 विभागों को समग्र किया गया है. पिछले वित्तीय वर्ष में इन विभागों में से 5375.22 करोड़ रुपये का प्रावधान कृषि बजट में किया गया था. इसमें सरकार ने आठ प्रशासनिक विभागों को शामिल किया है.
2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य : कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह के अनुसार केंद्र सरकार की तर्ज पर वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है. कहा गया है कि इसके लिए कृषि, पशुपालन, गव्य विकास, मत्स्य पालन, जल संसाधन, तसर, लाह उत्पादन एवं विपणन के साथ-साथ अन्य विभागों का तालमेल भी जरूरी है. इस कारण संयुक्त रूप से कृषि बजट में प्रावधान है. इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
46,620 हेक्टेयर सिंचित करने का लक्ष्य
आनेवाले वित्तीय वर्ष में जल संसाधन विभाग ने 46,620 हेक्टेयर खेतों को सिंचित करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए मूल रूप से आठ योजनाओं को चिह्नित किया गया है. लघु सिंचाई योजना के तहत 11 पुरानी योजनाओं को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे 18,255 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी.
इस पर 445.05 करोड़ रुपये का प्रावधान कृषि बजट में किया गया है. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आनेवाले वित्तीय वर्ष में 99.50 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है. नीरांचल राष्ट्रीय जल छाजन योजना के तहत 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह योजना विश्व बैंक और भारत सरकार द्वारा संपोषित है.
जापान सरकार भी करेगी सहयोग
झारखंड में किसानों की आय बढ़ाने में जापान सरकार का भी सहयोग लिया जायेगा. जापान सरकार महिला किसानों की आजीविका समृद्ध करने के लिए माइक्रोड्रिप प्रणाली को बढ़ावा देगी.
इससे उद्यान की खेती करायी जायेगी. इस पर 15 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है. ऊर्जा विभाग 200 करोड़ रुपये का सोलर पंप और बायोगैस प्लांट का वितरण करेगा. तिलका मांझी कृषि पंप योजना के तहत कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली कनेक्शन की सुविधा दी जाती है. इसके लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार ने किया है.
कल्याण विभाग
कल्याण विभाग द्वारा जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में कृषि सेक्टर के लिए कई स्कीम लायी गयी है. माइक्रो लिफ्ट एरिगेशन योजना के तहत सिंचाई सुविधा बढ़ायी जायेगी. मुर्गी पालन, बकरी पालन, पशुपालन, कृषि कार्य के लिए पंप सेट वितरण का काम कल्याण विभाग करेगा. इस पर 57 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है.
वन एवं पर्यावरण विभाग
मुख्यमंत्री जन वन योजना के तहत गैर सरकारी और सरकारी भूमि पर निजी रैयतों द्वारा आय देने वाली पौधा लगाना है. इसके लिए सात करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मृदा संरक्षण कार्यक्रम के लिए 79 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उद्योग व खान विभाग सखी मंडलों की आय बढ़ाने के लिए 33.76 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के लिए 52 करोड़ रुपये रखा है.