कोल इंडिया अगले साल 650 एमटी कोयला उत्पादन के लिए तैयार रहे

कोयला मंत्रालय के सचिव सुशील कुमार ने कहा रांची : कोल इंडिया को आनेवाले वित्तीय वर्ष (2018-19) में 650 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करना है. इसके लिए कंपनी को तैयार रहने का निर्देश कोयला मंत्रालय के सचिव सुशील कुमार ने दिया. बुधवार को सीसीएल में श्री कुमार ने कोल इंडिया के कार्यों की समीक्षा […]

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कोयला मंत्रालय के सचिव सुशील कुमार ने कहा
रांची : कोल इंडिया को आनेवाले वित्तीय वर्ष (2018-19) में 650 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करना है. इसके लिए कंपनी को तैयार रहने का निर्देश कोयला मंत्रालय के सचिव सुशील कुमार ने दिया. बुधवार को सीसीएल में श्री कुमार ने कोल इंडिया के कार्यों की समीक्षा की. इससे पूर्व कोल इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक हुई.
लक्ष्य पूरा करने के लिए काम करें
समीक्षा बैठक में श्री कुमार ने कहा कि 2017-18 में कोल इंडिया की सभी सात अनुषंगी कंपनियां कोयला उत्‍पादन के लक्ष्‍य की प्राप्ति के लिए योजना तैयार कर अगले माह काम करें. बैठक में कोयला प्रेषण पर भी जोर देने का निर्देश दिया गया. कहा कि अगले साल के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वन विभाग से स्वीकृति की जरूरत होगी. इसके लिए सभी परियोजनाओं का पर्यावरण और फोरेस्‍ट क्‍लीयेरेंस जल्द प्राप्‍त करें. ढुलाई बढ़ाने के लिए रेलवे ट्रैक की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम करें.
सीएमडी एरिया का दौरा करें : कोल इंडिया के अध्‍यक्ष गोपाल सिंह ने बैठक में कहा कि सभी सीएमडी क्षेत्रों का दौरा करें और कर्मियों को प्रेरित कर लक्ष्य प्राप्ति के लिए उनका मनोबल बढ़ायें. उन्‍होंने निर्देश दिया कि मुख्‍यालय क्षेत्रों को हर संभव सहयोग प्रदान करें. श्री सिंह ने सभी को प्रोत्‍साहित करते हुए कहा कि अगले 40 दिनों में सभी कर्मी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें और सम्मिलित प्रयास करें.
निजीकरण के विरोध में आरसीएमएस का प्रदर्शन
कोल ब्लॉक के निजीकरण के विरोध में आरसीएमएस मुख्यालय शाखा ने बुधवार को दरभंगा हाउस के सामने विरोध प्रदर्शन किया. संघ के शुभाशिष चटर्जी ने कहा कि इससे कोल इंडिया को नुकसान होगा. केंद्र की सरकार निजी कंपनियों को कोल ब्लॉक खनन और बिक्री के क्षेत्र में ला रही है. इसका हर स्तर पर विरोध होगा. आगे भी प्रदर्शन होगा. इस मौके पर संजय श्रीवास्तव, धर्मेंद्र गोस्वामी, प्रशांत कुमार, अमित सिंह, विनोद साहु और रामजीत राम मौजूद थे.
एटक ने सभी कंपनियों में किया विरोध प्रदर्शन
एटक ने कोल इंडिया की सभी कंपनियों के विभिन्न एरिया में केंद्र सरकार द्वारा कोल ब्लॉक को निजी हाथों में दिये जाने के निर्णय का विरोध किया. एटक नेता लखन लाल महतो ने बताया कि केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की समिति ने जो निर्णय लिया है, इससे सबसे ज्यादा नुकसान कोल इंडिया के कर्मियों को होगा. इससे कोयला उद्योग में निजीकरण का रास्ता साफ हो गया है. इसके लिए कोल इंडिया के मजदूर संगठनों को ही विरोध करना होगा.
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