झारखंड : रिम्स में गार्ड के सुपरवाइजर को तीन महीने से नहीं मिला था वेतन, जहर पीकर दी जान

रांची : रिम्स में एवरेस्ट ह्यूमन रिसोर्स कंसलटेंट कंपनी के गार्ड के सुपरवाइजर रमाकांत गिरि (60 वर्ष) ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या की कोशिश की. उन्हें गंभीर हालत में रिम्स लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. वे रिम्स के स्टॉफ क्वार्टर के पीछे देशवाल टाेली (सरकारी मिडिल स्कूल के पीछे) में रहते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : रिम्स में एवरेस्ट ह्यूमन रिसोर्स कंसलटेंट कंपनी के गार्ड के सुपरवाइजर रमाकांत गिरि (60 वर्ष) ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या की कोशिश की. उन्हें गंभीर हालत में रिम्स लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. वे रिम्स के स्टॉफ क्वार्टर के पीछे देशवाल टाेली (सरकारी मिडिल स्कूल के पीछे) में रहते थे.
आठ मार्च को रिम्स के पीछे बने शव गृह के पास दुष्कर्म का प्रयास करनेवाले युवकों से रमाकांत गिरि ने ही युवती को बचाया था. उनके पुत्र हरेंद्र कुमार गिरि ने बताया कि उसके पिता आर्थिक तंगी और बहन की शादी के लिए परेशान रहते थे. इसी परेशानी में उन्होंने आत्महत्या कर ली है़ इधर, रिम्स में कार्यरत एवरेस्ट ह्यूमन रिसोर्स कंस्टलटेंटस कंपनी के गार्डों ने बताया कि उन लोगों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है़ इस कारण कई गार्ड आर्थिक तंगी से जूझ रहे है़ं
मृतक के पुत्र हरेंद्र कुमार सिंह भी अपने पिता से अलग देशवाल टाेली (सरकारी मिडिल स्कूल के पीछे) में ही रहते हैं. उनके पिता के बगल में रहनेवाले लोगों ने उन्हें सूचना दी कि उनके पिता गिर गये हैं और उन्हें रिम्स ले जा जा रहा है. जब वे रिम्स पहुंचे, तो देखा कि उनके पिता के मुंह से झाग निकल रहा है. उन्हें डॉ विद्यापति के यूनिट में भरती कराया गया था. इलाज के दौरान बुधवार 9:30 बजे उनकी मौत हो गयी.
आर्थिक तंगी नहीं पारिवारिक विवाद आत्महत्या की वजह गार्डों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, यह सही बात है. लेकिन इसे आर्थिक तंगी नहीं कहा जा सकता. रिम्स मेें चार सौ गार्ड कार्यरत हैं, उन्हें भी तो तीन महीने से वेतन नहीं मिला है़ उनलोगों ने तो आत्महत्या नहीं की. रमाकांत गिरि ने पारिवारिक विवाद की वजह से आत्महत्या की है़
अफसर खान उर्फ बबलू, निदेशक, एवरेस्ट ह्यूमन रिसोर्स कंसलटेंट कंपनी
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