जूनियर डॉक्टरों ने न मरीजों की जांच की और न ही रिपोर्ट बनायी

कोर्स की मान्यता को लेकर रेडियोलॉजी विभाग में कलमबंद हड़ताल रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के रेडियोलॉजी विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार से कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है. जूनियर डॉक्टराें के हड़ताल के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. मरीजों की जांच सीनियर डॉक्टर ही कर रहे है, लेकिन […]

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कोर्स की मान्यता को लेकर रेडियोलॉजी विभाग में कलमबंद हड़ताल
रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के रेडियोलॉजी विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार से कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है. जूनियर डॉक्टराें के हड़ताल के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. मरीजों की जांच सीनियर डॉक्टर ही कर रहे है, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिल रही है. ऐसे में रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को दवाएं डॉक्टर नहीं लिख पा रहे हैं.
इधर, जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उनकी कलमबंद हड़ताल शनिवार को भी जारी रहेगी. आखिरकार उनके भविष्य का सवाल है. इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. नामांकन लेते समय कोर्स की मान्यता थी, लेकिन अब कोर्स खत्म होने वाला है, तो कोर्स की मान्यता पर संकट खड़ा हो गया है.
इधर, विभागाध्यक्ष डॉ सुरेश टोप्पो ने रिम्स निदेशक को दो असिस्टेंट प्रोफेसर व तीन सीनियर रेसीडेंट की कमी को पूरा करने का अाग्रह किया है. विभागाध्यक्ष ने शुक्रवार को इस संबंध में आग्रह पत्र निदेशक को भेजा है. छात्रों को कहना था कि 12 जनवरी को रेडियोलॉजी विभाग में एमसीआइ की टीम ने निरीक्षण किया था, जिसमें चिकित्सकों व मैन पावर को पूरा करने काे कहा था. एमसीआइ ने दोबारा सात अप्रैल का समय दिया है.
जूनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य सचिव से की मुलाकात
जेडीए के नेतृत्व में जूनियर डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को अपर मुख्य स्वास्थ्य सचिव निधि खरे से मिलने पहुंचा. यहां अपर मुख्य स्वास्थ्य सचिव को बताया गया कि फैकल्टी की कमी के कारण कोर्स की मान्यता पर संकट हो गया है.
एमसीआइ ने सात अप्रैल तक कमी को दूर करने काे कहा है. सचिव ने निदेशक से कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है. जांच में कमियों पर एमसीआइ द्वारा दी गयी टिप्पणी की जानकारी जेडीए ने दी. बताया गया कि रिम्स की अपनी मशीन खराब है या अत्यंत जर्जर है. इसके कारण मरीज हेल्थ मैप में जांच कराते हैं. इसके बाद सचिव ने डिप्टी डायरेक्टर गिरिजाशंकर प्रसाद को विभाग की खराब मशीनों के बारे में पूरी सूची देने का निर्देश दिया. प्रतिनिधिमंडल में डॉ अजीत कुमार, डॉ सुरेंद्र, डॉ राजीव किस्कू, डॉ श्याम, डॉ मणिकांत, डाॅ अभिषेक सिंह, डॉ चंद्रभूषण, डॉ प्रशांत गौरव, डॉ कमलेश, डॉ जयंत आदि मौजूद थे.
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