रांची : नगड़ी थाना क्षेत्र के चेटे गांव निवासी इंजीनियर विशाल साल्वे, मुंशी प्रह्लाद सिंह राठौर की हत्या और चालक कारू को गोली मार कर जख्मी करने वाले उग्रवादियों के बारे में पुलिस ने रविवार को पूरी जानकारी एकत्र कर ली है.
पुलिस ने टीम ने पीएलएफआइ के उग्रवादियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन पुलिस को उनके ठिकाने के बारे सुराग नहीं मिला. इस वजह से पुलिस किसी उग्रवादी को गिरफ्तार नहीं कर पायी.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरंभिक जांच से स्पष्ट है कि अखिलेश गोप के दस्ता में शामिल सदस्यों ने लेवी के विवाद में घटना को अंजाम दिया है. उसके दस्ता में शामिल उग्रवादियों की तलाश मेंभी छापेमारी की जारी है.
पांच लाख मांगी थी लेवी
उल्लेखनीय है कि चेटे गांव रेलवे ट्रैक के किनारे एसके कंस्ट्रक्शन की ओर से मिट्टी भरने का काम किया जा रहा था. शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे उग्रवादियों ने पहले कंपनी के इंजीनियर इसके बाद मुंशी की गोली मार कर हत्या कर दी. इसके बाद चालक कारू को गोली मार कर घायल कर दिया.
घटना के बाद स्पष्ट हो चुका है कि इंजीनियर से उग्रवादियों ने पांच लाख रुपये लेवी की मांग की थी. इसकी जानकारी उन्होंने कंपनी और अपने परिजनों को दी थी. उन्हें लेवी का भुगतान करने के बाद ही काम शुरू करने को कहा गया था. लेकिन वह काम करने पहुंचे गये इसके बाद पीएलएफआइ के उग्रवादियों ने घटना को अंजाम दिया.