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रांची : जंग के मैदान बने वीमेंस कॉलेज और आदिवासी छात्रावास, पथराव व लाठीचार्ज में डेढ़ दर्जन घायल

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ढाई घंटे बवाल : भारत बंद के समर्थन में उतरे छात्र-छात्राओं और पुलिस में भिड़ंत रांची : एसटी/एससी एक्ट में छेड़छाड़ के विरोध में सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था. इसके मद्देनजर राजधानी की पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी. तय कार्यक्रम के तहत आदिवासी छात्र संघ के बैनर तले बड़ी संख्या […]

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ढाई घंटे बवाल : भारत बंद के समर्थन में उतरे छात्र-छात्राओं और पुलिस में भिड़ंत
रांची : एसटी/एससी एक्ट में छेड़छाड़ के विरोध में सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था. इसके मद्देनजर राजधानी की पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी. तय कार्यक्रम के तहत आदिवासी छात्र संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आदिवासी छात्रावास से सुबह 10:00 बजे जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे थे.
वे तीर-धनुष, हरवे-हथियार और पोस्टर-बैनर लेकर जुलूस में शामिल होनेवाले थे. इसकी जानकारी मिलते ही सिटी एसपी अमन कुमार और एसडीओ अंजली यादव बड़ी संख्या में जिला पुलिस और रैप के जवानों के साथ मौके पर पहुंच गये.
पुलिस को देखते ही छात्र-छात्राओं ने सरकार विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिये. सिटी एसपी और एसडीओ ने प्रदर्शनकारियों को जुलूस निकालने से मना किया. इस पर छात्र-छात्राएं उग्र हो गये और पुलिस से भिड़ गये. वे पुलिस के जवानों पर पत्थर फेंकने लगे और सड़क पर टायर जलाकर फेंकने लगे. इसमें सिटी एसपी को भी चोटें आयी.
वहीं, सिटी डीएसपी राजकुमार मेहता का दायां हाथ टूट गया. इसके अलावा कोतवाली डीएसपी भोला सिंह, लालपुर थाना का चालक पाठक सहित आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गये. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े.
इससे बचने के लिए कई छात्र-छात्राएं आदिवासी छात्रावास में घुस गये. इस पर एसडीओ अंजली यादव ने छात्रावास को खाली कराने का आदेश दिया. आदेश मिलते ही पुलिस के जवान छात्रावास के अंदर घुस गये और पत्थरबाजी कर रहे छात्र-छात्राओं को पीटते हुए बाहर लेकर आये. बाद में सभी को कैंप जेल में भेज दिया गया.
आदिवासी छात्रावास से निकाले जानेवाले जुलूस का समर्थन करने पहुंची कांग्रेस नेता गीताश्री उरांव और जेवीएम नेता बंधु तिर्की को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. गीताश्री उरांव महिलाओं की गिरफ्तारी का विरोध कर रही थीं. बाद में सभी लोगों को पुलिस ने रिहा कर दिया. इधर, कैंप जेल में रखे गये छात्र-छात्राओं का आरोप था कि वहां उनके लिए पानी और खाने की व्यवस्था नहीं की गयी थी. बाहर से जो लोग उनसे मिलने पहुंच रहे थे, उन्हीं से वे केला, चना, समोसा और पानी मंगा कर खा-पी रहे थे़
पत्थरबाजी और उपद्रव के कारण करमटोली चौक से लेकर जेल चौक तक वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा. दोनों चौकों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. रह-रह कर पुलिस अौर पीसीआर के जवान छात्रों को खदेड़ रहे थे. पुलिस का कहना है कि आदिवासी होस्टल परिसर के समीप उपद्रवियों ने फायरिंग भी की.
मौके पर एसडीओ अंजली यादव, ट्रैफिक एसपी, सिटी एसपी समेत कई अधिकारी कैंप कर रहे थे. बाद में उपायुक्त राय महिमापत रे और एसएसपी कुलदीप द्विवेदी भी स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे थे.
मोरहाबादी के अंतू चौक के पास दोपहर एक बजे आदिवासी हॉस्टल के पास जमी पुलिस को एक व्यक्ति ने आकर सूचना दी कि वहां पर कुछ बंद समर्थक लोगों को रोक कर मारपीट कर रहे हैं. सूचना मिलते ही सिटी एसपी, एसडीओ, सदर डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे और बंद समर्थकों को खदेड़ दिया. बाद में अंतू चौक के पास भी पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गयी.
दुकानें खुली रहीं, वाहन कम चले
भारत बंद का असर राजधानी रांची के अलावा आसपास के इलाकों में भी दिखा. आदिवासी छात्र संघ के अलावा कई अन्य संगठन भी बंद के समर्थन में सुबह से ही सड़कों पर उतर गये थे.
हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं और बोर्ड परीक्षा को इससे दूर रखा गया था. इधर, बंद के दौरान राजधानी की 50 प्रतिशत दुकानें खुली रहीं, लेकिन अन्य दिनों की अपेक्षा सड़क पर वाहनों की संख्या कम दिखायी दी. वहीं, अधिकतर स्कूल बंद रहे. आदिवासी हॉस्टल, वीमेंस कॉलेज, लालपुर, डोरंडा, कांटाटोली, तुपुदाना और हटिया में बंद समर्थकों ने तोड़फोड़ की. कई वाहनों के शीशे तोड़े गये.
777 लोगों को गिरफ्तार किया गया पूरे जिले में
एसएसपी ने कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि रांची जिले में बंद के दौरान कुल 777 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बरियातू से आठ, चुटिया से 10, डोरंडा से 30, गोंदा से 26, धुर्वा से 10, जगन्नाथपुर से 100, कोतवाली से 12, लालपुर से 150, पंडरा ओपी 30, सदर से 21, सुखदेवनगर से 19, कांके से 31, नगड़ी से 14, ओरमांझी से 11, रातू से 32, मेसरा ओपी से 22, चान्हों से 20, अनगड़ा 18, सिल्ली 28, पिठोरिया 101, खेलगांव 70 बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया. सभी को खेलगांव और मोरहाबादी स्थित कैंप जेल में रखा गया था.
छात्र नेता सहित 200 पर प्राथमिकी
रांची : भारत बंद के दौरान आदिवासी छात्रावास में उपद्रव मचाने वाले छात्र नेता संजय महली व 200 अज्ञात छात्र-छात्राओं के खिलाफ लालपुर थाने मेें प्राथमिकी दर्ज की गयी है़ प्राथमिकी दंडाधिकारी शैलेश कुमार के बयान पर दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में सरकारी काम में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने सहित कई अन्य धाराओं का जिक्र है. पुलिस ने संजय महली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है़
साइंस ब्लॉक स्थित आदिवासी महिला छात्रावास की छात्राओं ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने छात्रावास के कमरे में घुस कर उन लोगों के साथ मारपीट की. इस दौरान पुलिसकर्मियाें ने कमरे में रखी कुर्सी तोड़ दी. वे सरेंडर के मुद्रा में दोनाें हाथ ऊपर कर खड़ी हो गयी थीं. कानून के अनुसार अगर आतंकवादी भी सरेंडर कर देता है, तो उसके साथ मारपीट नहीं की जाती, लेकिन पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को बेरहमी से पीटा है.
परीक्षा देने आये एक छात्रा के भाई को भी पीटा गया, जिससे वह बेहोश हो गया. इस दौरान बाहर में छात्राओं पर आंसू गैस भी छोड़े गये. आंसू गैस के खाेखा भी छात्राओं के पास थे. जो छात्राएं घायल हुई हैं, उनमें सुमति कुमारी, सुजीता कुमारी, रूपा कुजूर एवं सुरबाली टुडू शामिल हैं. रूपा एवं सुरवाली को सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया है.

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