झारखंड : ग्रामीण इलाकों में ब्लड एप का करें प्रचार, ताकि जरूरत पर खून आसानी से मिल सके : हाइकोर्ट

राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का निर्देश मामला झारखंड में राष्ट्रीय ब्लड नीति लागू करने का रांची : झारखंड हाइकोर्ट में बुधवार को राज्य में ब्लड बैंकों की दयनीय स्थिति व राष्ट्रीय ब्लड नीति को लागू करने काे लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस रत्नाकर भेंगरा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 19, 2018 8:19 AM
राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का निर्देश
मामला झारखंड में राष्ट्रीय ब्लड नीति लागू करने का
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में बुधवार को राज्य में ब्लड बैंकों की दयनीय स्थिति व राष्ट्रीय ब्लड नीति को लागू करने काे लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई.
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि स्टेटस रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाये कि स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एसबीटीसी) की बैठक में क्या निर्णय लिया गया. निर्णयों के आलोक में क्या कदम उठाये गये. जो ब्लड बैंक पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी है. जो ब्लड एप बनाया गया है, उसे उपयोगी बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाया गया है.
दूरदराज के गांवों में रहनेवाले लोग ब्लड एप से कैसे लाभ उठा सकते हैं, उसके लिए क्या कदम उठाये गये हैं. खंडपीठ ने राज्य सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लड एप का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, ताकि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहनेवाले ग्रामीणों को ब्लड एप पर रक्त की उपलब्धता की अद्यतन जानकारी मिलती रहे. ग्रामीणों को जरूरत पर आसानी से खून उपलब्ध हो सके. इसके लिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापित चिकित्सकों का भी पूरा उपयोग करे. खंडपीठ ने आठ सप्ताह के बाद मामले की सुनवाई के लिए तिथि तय करने का निर्देश दिया.
इससे पूर्व सरकार की अोर से अधिवक्ता राजीव रंजन मिश्र ने शपथ पत्र दायर कर बताया कि निदेशक आैषधि द्वारा रामगढ़, गोड्डा, जामताड़ा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां सहित आठ जिलों में ब्लड बैंक के लिए आवेदन का प्रारूप सिविल सर्जनों को उपलब्ध करा दिया गया है.
रिम्स निदेशक को कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए निर्देश दिया गया है कि स्वैच्छिक रक्तदान की दिशा में विशेष कार्रवाई की जाये, ताकि रक्त की उपलब्धता हमेशा समान रूप से बनी रहे. मेडिकल उपकरणों सहित वस्तुअों की खरीदारी के लिए टेंडर कमेटी द्वारा लिये गये निर्णयों की भी जानकारी दी गयी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी अतुल गेरा ने जनहित याचिका दायर की है.