क्यों जाना केरल या बेंगलुरु, जब झारखंड में ही हो प्राकृतिक चिकित्सा, राज्य योग केंद्र में खुलेगा सेंटर

रांची/नयी दिल्ली : प्राकृतिक चिकित्सा के लिए अब झारखंड के लोगों को केरल या बेंगलुरु जाने की जरूरत नहीं होगी. राजधानी रांची के राज्य योग केंद्र (State Yoga Centre) में लोगों को मई के प्रथम सप्ताह से प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ मिलने लगेगा. वह भी बेहद सस्ती दर पर. केंद्र शुरू होने के बाद इसमें […]

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रांची/नयी दिल्ली : प्राकृतिक चिकित्सा के लिए अब झारखंड के लोगों को केरल या बेंगलुरु जाने की जरूरत नहीं होगी. राजधानी रांची के राज्य योग केंद्र (State Yoga Centre) में लोगों को मई के प्रथम सप्ताह से प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ मिलने लगेगा. वह भी बेहद सस्ती दर पर. केंद्र शुरू होने के बाद इसमें मिट्टी चिकित्सा, जल चिकित्सा, मालिश चिकित्सा, सूर्यकिरण चिकित्सा, एक्यूपंक्चर, डायट थेरेपी एवं उपवास थेरेपी की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.

यहां योग शिक्षा भी दी जायेगी. इसमें डायबेटिक्स, ओबेसिटी इत्यादि के पाठ्यक्रमतोहोंगे ही, शिविर के माध्यम से योग जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला आदि का आयोजन भी किया जायेगा. रिम्स, पीएमसीएच एवं एमजीएम मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. योग को मेडिकल अनुसंधान मेंशामिल किया जायेगा.

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केंद्रीय अनुसंधान योग एवं नैचुरोपैथ परिषद, नयी दिल्ली के सहायक निदेशक (प्राकृतिक चिकित्सक) डॉ राजीव रस्तोगी ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय के योग संकायकेसाथ तालमेल बनाकर योग शिक्षा को दृढ़ता प्रदान की जायेगी. उन्होंने कहा कि मई, 2018 के प्रथम सप्ताह से रांची में योग प्रशिक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा. इसके बाद कई और सेवाएं उपलब्ध करायी जायेंगी. डॉ रस्तोगी ने बताया कि योग भवन में जल्द ही ओपीडी सेवा शुरू होगी, जिसमें एक चिकित्सक की सेवा उपलब्ध रहेगी. एक पुरुष और एक महिला योग थेरेपिस्ट की भी व्यवस्था की जायेगी. एक पुरुष और एक महिला प्राकृतिक चिकित्सा थेरेपिस्ट को भी नियुक्त किया जायेगा.

केंद्र सरकार के साथ इस संबंध में दो दिन पहले एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया. एमओयू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने कहा कि रांची के ईस्ट जेल रोड स्थित राज्य योग केंद्र को तीन साल के लिए केंद्रीय अनुसंधान योग एवं नेचुरोपैथ परिषद नयी दिल्ली को सौंप दिया है. श्रीमती खरे ने कहा कि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पूर्णत: दवाविहीन चिकित्सा प्रणाली है. यह लोगों को निरोग रहने एवं स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि इससे झारखंड के लोग लाभान्वित होंगे.

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झारखंड कैबिनेट ने इस आशय को पहले ही मंजूरी दे दी थी. झारखंड के स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे की मौजूदगी में नयी दिल्ली में एमओयू पर राज्य सरकार की ओर से डॉ अब्दुल नुमान अहमद (प्रभारी निदेशक, आयुष निदेशालय, झारखंड) तथा नयी दिल्ली स्थित केंद्रीय अनुसंधान योग एवं नैचुरोपैथ परिषद की ओर से डॉ राजीव रस्तोगी (सहायक निदेशक, प्राकृतिक चिकित्सा) ने हस्ताक्षर किये. ज्ञात हो कि 2 अप्रैल, 2018 को स्वास्थ्य विभाग ने राज्य योग केंद्र का एक तल्ला श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग को दे दिया था.

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