एक शहरी घरेलू बिजली उपभोक्ता का न्यूनतम 525 रुपये मासिक बजट बढ़ा

रांची : रातू रोड निवासी ज्ञान शर्मा के घर में एक 32 इंच का एलइडी टीवी, दो पंखा, एक 190 लीटर का फ्रिज, 750 वाट एक आयरन, एक इंडक्शन चूल्हा (इस्तेमाल गैस खत्म होने की स्थिति में) और एक कूलर है. वह औसतन एक महीने में 200 यूनिट बिजली का इस्तेमाल करते हैं. उनका औसतन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : रातू रोड निवासी ज्ञान शर्मा के घर में एक 32 इंच का एलइडी टीवी, दो पंखा, एक 190 लीटर का फ्रिज, 750 वाट एक आयरन, एक इंडक्शन चूल्हा (इस्तेमाल गैस खत्म होने की स्थिति में) और एक कूलर है. वह औसतन एक महीने में 200 यूनिट बिजली का इस्तेमाल करते हैं. उनका औसतन बिल 650 से 700 रुपये प्रतिमाह के आसपास आता है.
इसमें तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से एनर्जी चार्ज, 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और 50 रुपये प्रति माह की दर से फिक्स्ड चार्ज शामिल है. यानी उन्हें 200 यूनिट इस्तेमाल करने पर 690 रुपये का बिल देना पड़ता है. पूरे बिल को मिलाकर श्री शर्मा को प्रतिमाह 3.45 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल देना पड़ता है.
पर नयी दर लागू होने के बाद उन्हें इतनी ही बिजली इस्तेमाल करने पर 1215 रुपये प्रतिमाह देने होंगे. अब बिजली की दर 5.50 रुपये प्रति यूनिट कर दी गयी है. फिक्स्ड चार्ज में भी 50 की जगह 75 रुपये प्रतिमाह देने होंगे. इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के रूप में 40 रुपये भी देने होंगे. यानी श्री शर्मा के घर के मासिक बजट में 525 रुपये ज्यादा खर्च बढ़ गया है. श्री शर्मा को नयी टैरिफ के अनुसार कुल मिला कर 6.075 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा.
बिजली शुल्क में बढ़ोतरी पूरी तरह से अनुचित : चेंबर
रांची. बिजली दर में की गयी पर बढ़ोतरी पर झारखंड चेंबर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह राज्य की जनता के साथ नाइंसाफी है. कहा कि बिजली शुल्क बढ़ाने की प्रक्रिया में कई खामियां हैं. पावर कट से उद्योग बंदी के कगार पर हैं. वर्तमान में झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड निर्बाध रूप से बिजली मुहैया कराने में पूरी तरह से अक्षम है. इसके बाद भी बिजली शुल्क में बढ़ोतरी पूरी तरह से अनुचित है. चेंबर ने कहा किनियामक आयोग ने वितरण निगम पर 120 करोड़ रुपये की पेनाल्टी भी लगायी है. क्या राज्य सरकार ऐसे अयोग्य विद्युत आपूर्तिकर्ता के साथ बिजली लेने को बाध्य रहेगी.
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