झारखंड : 30 अप्रैल तक 36 हजार चापानलों की मरम्मत

कॉल सेंटर में मिल रही शिकायतों के आधार पर पेयजल विभाग करा रहा दुरुस्त रांची : झारखंड में चार लाख चापानल हैं. यानी प्रत्येक 63 व्यक्ति पर एक चापानल. पेयजल विभाग की ओर गर्मी को लेकर खोले गये शिकायत सेंटर में लगातार चापानलों के खराब होने की सूचना अा रही है. इसके बाद विभाग द्वारा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
कॉल सेंटर में मिल रही शिकायतों के आधार पर पेयजल विभाग करा रहा दुरुस्त
रांची : झारखंड में चार लाख चापानल हैं. यानी प्रत्येक 63 व्यक्ति पर एक चापानल. पेयजल विभाग की ओर गर्मी को लेकर खोले गये शिकायत सेंटर में लगातार चापानलों के खराब होने की सूचना अा रही है. इसके बाद विभाग द्वारा टीम भेज कर चापानलों की मरम्मत करायी जा रही है. 13 मार्च से विभाग का कॉल सेंटर खुला है, जहां लोग फोन कर चापानलों के खराब होने की शिकायत कर रहे हैं.
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 13 मार्च से लेकर 30 अप्रैल तक 36 हजार चापानलों के खराब होने की शिकायत मिली है. औसतन हर दिन एक हजार चापानलों की मरम्मत करायी जा रही है.
विभाग द्वारा 30 अप्रैल तक सभी 36 हजार चापानलों की मरम्मत करा दी गयी है. मरम्मत कराने के लिए 204 वाहन रखे गये हैं. इसमें 327 गैंग हैं, जो चापानलों को ठीक करने का काम कर रहे हैं. सबसे अधिक चापानल हजारीबाग जिले में खराब मिले हैं. वहां 2327 चापानलों को ठीक किया गया है. वहीं सबसे कम सिमडेगा में 242 चापानलों की मरम्मत की गयी है.
चापानल खराब होने पर कंट्रोल रूम में करें शिकायत : गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी चापाकलों की मरम्मत के लिए मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है.
यहां कोई भी व्यक्ति फोन कर चापाकल खराब होने की सूचना दे सकता है. विभाग द्वारा जारी किये गये टॉल फ्री नंबर 180034564502 एवं 9470176901 पर सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक किसी भी दिन शिकायत की जा सकती है.
चापानलों की मरम्मत कराने के लिए रखे गये हैं 204 वाहन
आबादी के औसत से अधिक है चापानल : भारत सरकार के मानक के अनुसार, 150 की आबादी पर एक चापानल होना चाहिए. वहीं झारखंड में 63 व्यक्ति पर एक चापानल है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है. यही वजह है कि विभाग द्वारा अब नये चापानल नहीं लगाये जा रहे हैं पुराने चापानलों की ही मरम्मत की जा रही है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >