केंद्र के सहयोग से रिम्स में खुलेगा केमिकल बॉयोलॉजिकल रीजनल एंड न्यूक्लियर सेंटर
रांची : रिम्स में केमिकल रिसाव और न्यूक्लियर रेडिएशन से प्रभावित मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा. केंद्र सरकार के सहयोग से रिम्स में सेकेंड्री लेवल केमिकल बॉयोलॉजिकल रीजनल एंड न्यूक्लियर सेंटर (सीबीआरएन) सेंटर खोला जायेगा.
केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि रिम्स के पास ही इस सेंटर को खोला जाये. इससे मरीजों को सेंटर में इलाज से पूर्व रासायनिक दुष्प्रभाव को खत्म करने की प्रक्रिया अपनायी जाये. दुष्प्रभाव को कम करने के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू होने से डॉक्टरों, मरीजों व पारा मेडिकल कर्मी इसकी चपेट में नहीं आयेंगे.
रिम्स प्रबंधन ने की बैठक
स्वास्थ्य विभाग से केंद्र सरकार का पत्र भेजे जाने के बाद रिम्स प्रबंधन की बैठक सोमवार को हुई. इसमें रिम्स परिसर में ही जगह चिह्नित करने का निर्णय लिया गया. रिम्स द्वारा एक जगह चिह्नित भी कर ली गयी है. इस पर अंतिम निर्णय के लिए अभियंताओं की टीम के साथ स्थल निरीक्षण किया जायेगा. स्थल निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग को जगह चिह्नित करने की सूचना दी जायेगी. स्वास्थ्य विभाग इसकी सूचना केंद्र सरकार को देगा. केंद्र सरकार सेंटर को स्थापित करने का खर्च वहन करेगा. डॉक्टर व मैन पावर की सुविधा भी केंद्र सरकार के फंड पर होगी.
ऐसे काम करेगा सेंटर
सीबीअारएन सेंटर में शावर लगाया जायेगा, जिसमें महिला व पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग चेंबर होगा. रासायनिक रिसाव व न्यूक्लियर रेडिएशन से प्रभावित मरीजों को इस शावर से गुजारा जायेगा. शावर में जाने से पहले रासायनिक रिसाव या रेडिएशन से प्रभावित कड़े उतार लिये जायेंगे. इसके बाद मरीज के शरीर पर पानी की बौछार की जायेगी. इसके बाद सावर से बाहर आने पर सेंटर अपना कपड़ा देगा. वही कपड़ा पहन कर मरीज वार्ड में भरती होगा.
सेकेंड्री लेवल केमिकल बॉयोलॉजिकल रीजनल एंड न्यूक्लियर सेंटर खोलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार से आया है. हमें 2500 स्क्वायर मीटर जगह व 10,000 गैलेन पानी देना है. इसके बाद सारी सुविधाएं केंद्र सरकार देगी.
डॉ विवेक कश्यप, अधीक्षक रिम्स