हर जिले में बनेगा 10-10 एसआइटी

सीआइडी एडीजी ने जिलों के एसएसपी-एसपी को दिया निर्देश एसआइटी गंभीर मामलों की करेगा जांच वरीय अफसर केस का समय पर करें सुपरविजन रांची : प्रदेश में गंभीर आपराधिक मामलों की जांच के लिए हर जिले में 10-10 एसआइटी टीम गठित किया जायेगा.सीआइडी एडीजी प्रशांत सिंह ने एसआइटी गठित करने को लेकर जिलों के एसएसपी/एसपी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 24, 2018 9:11 AM
सीआइडी एडीजी ने जिलों के एसएसपी-एसपी को दिया निर्देश
एसआइटी गंभीर मामलों की करेगा जांच
वरीय अफसर केस का समय पर करें सुपरविजन
रांची : प्रदेश में गंभीर आपराधिक मामलों की जांच के लिए हर जिले में 10-10 एसआइटी टीम गठित किया जायेगा.सीआइडी एडीजी प्रशांत सिंह ने एसआइटी गठित करने को लेकर जिलों के एसएसपी/एसपी को निर्देश दिया है, ताकि वैसे मामलों का जल्द से जल्द अनुसंधान पूरा कर आरोपियों पर शिकंजा कसा जा सके. साथ ही कहा है कि अनुसंधानकर्ता ऊपर के अफसर को समय पर पर्यवेक्षण रिपोर्ट समर्पित करें.
यह भी कहा कि अनुसंधान और विधि-व्यवस्था ड्यूटी के लिए जिलावार अलग विंग बनाया जाना सुनिश्चित किया जाये. अधिक समय से लंबित मामलों का भी निपटारा टीम बनाकर प्राथमिकता के आधार पर किया जाये. इसके अलावा राज्य सरकार के जिन विभागों के विभागाध्यक्षों के पास मामला अभियोजन स्वीकृति के लिए लंबित है, वहां से स्वीकृति प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जाये. वहीं राज्य के बाहर के अभियुक्तों का सत्यापन, वारंट, कुर्की का तामिला भी समय पर करें. जिन अभियुक्तों को रिमांड पर लिया जाना है, उनके लिए संबंधित न्यायालय में शीघ्र आवेदन दें.
अनुसंधान में क्या है पेंच
मामलों की जांच के दौरान कई तरह के पेंच सामने आते हैं, जिसके कारण समय पर अनुसंधान पूरा नहीं हो पाता. अभियुक्तों का नाम-पता पूर्ण नहीं होता है. अनुसंधान और विधि-व्यवस्था की जवाबदेही अलग-अलग नहीं होने से एक ही अफसर समय पर अनुसंधान पूरा नहीं कर पाता. कोर्ट से रिमांड, वारंट और कुर्की का आदेश लेने में भी वक्त लगता है.