रांची : सीट बचाने को कर रहे ठेके पर नियुक्ति, दे रहे 94 हजार मासिक

रांची : राज्य के मेडिकल कॉलेज फैकल्टी की कमी के कारण अपनी सीटें गंवा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए स्थायी हल नहीं खोज रहा है. हालत यह है कि सीट बचाने के लिए रिटायर्ड डॉक्टरों को अनुबंध पर रखा जा रहा है. इसका प्रमाण है कि राज्य के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : राज्य के मेडिकल कॉलेज फैकल्टी की कमी के कारण अपनी सीटें गंवा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए स्थायी हल नहीं खोज रहा है. हालत यह है कि सीट बचाने के लिए रिटायर्ड डॉक्टरों को अनुबंध पर रखा जा रहा है.
इसका प्रमाण है कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के कई विभागों की सीट बचाने के लिए अनुबंध पर प्रोफेसरों की नियुक्ति की गयी है. रिम्स प्रबंधन इन डॉक्टरों को 94 हजार रुपये देता है. जानकारी के अनुसार रिम्स के तीन विभागों में डॉक्टरों को अनुबंध पर नियुक्त किया गया है, जिसमें रेडियोलॉजी, साइकेट्री, एनाटोमी के रिटायर्ड डॉक्टर हैं.
दबाव तक नहीं डाल सकते हैं
जानकारी के मुताबिक अनुबंध पर नियुक्त डॉक्टर एक तो भारी-भरकम वेतन लेते हैं. ऊपर से अपने हिसाब से रिम्स में सेवाएं देते हैं. आलम यह है कि वह कभी-कभार ही आते हैं और एक बार में ही बकाया हाजिरी भी बना देते हैं. रिम्स की विवशता यह है कि वह उन पर दबाव भी नहीं डाल सकता, क्योंकि दबाव डालने पर वह रिम्स छोड़ देंगे, तो मान्यता ही खतरे में पड़ जायेगी.
एमसीआइ आने पर खोजकर बुलाता है रिम्स
इतना ही नहीं स्थिति यह है कि एमसीआइ के आने की सूचना पर रिम्स अनुबंध पर नियुक्त किये गये डॉक्टरों को खोज कर बुलाता है. एमसीआइ को बताया जाता है कि फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए इन सेवानिवृत्त डॉक्टरों को नियुक्त किया गया है.
वह रिम्स में योगदान दे रहे हैं. इसके बाद एमसीआइ के जाते ही अनुबंध पर रखे डॉक्टरों के काम करने का तरीका पहले की तरह हो जाता है.
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