संशोधन स्कूल-सड़क जैसी योजनाओं के लिए

राजभवन चुप, पर भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी बोले... रांची : भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने की सूचना सरकार तक पहुंच गयी है़ भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी ने इसकी पुष्टि की है़ उन्होंने बिल पर मंजूरी प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद भी दिया है़ अमर बाउरी ने कहा : पहले […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 17, 2018 4:40 AM

राजभवन चुप, पर भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी बोले

रांची : भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने की सूचना सरकार तक पहुंच गयी है़ भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी ने इसकी पुष्टि की है़ उन्होंने बिल पर मंजूरी प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद भी दिया है़ अमर बाउरी ने कहा : पहले भी गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्य अपने हिसाब से भूमि-अधिग्रहण बिल में संशोधन कर चुके है़ं झारखंड के संदर्भ में यह संशोधन लाभकारी होगा़
बिल में िसर्फ सरकारी व जनोपयोगी कार्यों के लिए ही भूमि अधिग्रहण की बात की गयी है़ इससे सड़क, स्कूल, अस्पताल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्रों समेत अन्य जनोपयोगी कार्य के तेजी से होने का रास्ता साफ होगा़
किसी भी बाहरी या निजी कारणों से संशोधन बिल का लाभ किसी व्यक्ति या कंपनी विशेष को नहीं मिलेगा़ राज्य सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए बिल में संशोधन किया है़ उन्होंने कहा है कि पूरा देश झारखंड को विकास की राह पर लाने का प्रयास कर रहा है़ इस बिल से ना िसर्फ झारखंड के विकास को बल मिलेगा, बल्कि इससे युवाओं को रोजगार सुलभ होने में भी मदद मिलेगी़ अमर बाउरी ने संशोधन के लिए सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह भविष्य में फायदेमंद साबित होगा़
भू-राजस्व मंत्री ने की पुष्टि, कहा : झारखंड के हित में है संशोधन, अब होगा जनोपयोगी काम
मंत्री ने बताया : गुजरात और तेलगांना भी कर चुके हैं बिल में संशोधन
भाजपा ने कहा : संशोधन कॉरपोरेट घरानों और पूंजीपतियों के लिए नहीं
भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने कहा है कि विपक्ष विकास विरोधी है. संशोधन कॉरपोरेट नहीं, बल्कि स्कूल-अस्पताल जैसी सरकारी योजनाओं पर लागू होगा. सरकार ने संसद द्वारा 2013 में पारित भूमि अधिग्रहण कानून के मुआवजा और पुनर्वास के मूल प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया है. नये प्रस्ताव से ग्राम सभा की सलाह लेते हुए एक समय सीमा में सरकारी योजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और चार गुना मुआवजा प्रदान करने का कार्य संभव हो पायेगा. प्रभावितों को न्याय मिल पायेगा. विकास की गति तेज होगी .