अक्तूबर तक विस्थापितों के लिए घर का निर्माण पूरा होगा
अगला ग्रीष्मकालीन सत्र नये विधानसभा में होगा
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विधानसभा और हाइकोर्ट भवन के उद्घाटन से पहले विस्थापितों को बसाया जायेगा. झारखंड सरकार विकास के साथ विस्थापितों की भी सुध लेनेवाली सरकार है. इसी साल अक्तूबर तक विधानसभा और हाइकोर्ट के विस्थापितों को सरकार घर बनाकर बसायेगी. श्री दास ने ये बातें शनिवार को निर्माणाधीन विधानसभा, हाइकोर्ट भवन और विस्थापितों के लिए बन रही कॉलोनी का निरीक्षण करने के बाद कही.
राजनीतिक अस्थिरता के कारण राज्य का विकास नहीं हुआ : पत्रकारों से बात करते हुए श्री दास ने कहा : पहले जहां विस्थापित दर-दर भटकते रहते थे, वहीं आज सरकार विस्थापितों को बसा रही है. इसी क्रम में विस्थापितों के लिए कॉलोनी बनवायी जा रही है. इस कॉलोनी में 400 परिवारों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले घर बनाये जा रहे हैं. जिस पर लगभग 200 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है. औसतन एक घर पर 50 लाख रुपये का खर्च आ रहा है. हर घर में तीन बेडरूम, किचेन, बाथरूम, बरामदा आदि है. कॉलोनी में स्कूल और मार्केट कांप्लेक्स का भी निर्माण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने हाइकोर्ट का निर्माण दिसंबर और विधानसभा का निर्माण जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 14 साल बाद भी राज्य की सबसे बड़ी पंचायत का अपना भवन नहीं था.
राजनीतिक अस्थिरता के कारण राज्य का विकास नहीं हुआ. जनवरी तक विधानसभा का अपना भव्य भवन होगा. अगला ग्रीष्मकालीन सत्र नये विधानसभा में होगा. जहां राज्य के 81 विधायक बैठकर जन समस्याओं का समाधान करेंगे. गांवों में भी सरकार पंचायत भवन बनवा रही है जिससे गांव की सरकार को भी निर्णय लेने के लिए एक स्थान मिल सके.
विस्थापितों के लिए बननेवाली कॉलोनी पर 200 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा