रांची : इश्कबाजी में फंसे जगन्नाथपुर ट्रैफिक थानेदार निलंबित
रांची : राजधानी के एक अस्पताल में काम करने वाली युवती से इश्कबाजी में फंसे जगन्नाथपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार सिंह को रांची रेंज के डीआइजी एवी होमकर ने रविवार को निलंबित कर दिया. डीआइजी ने इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने मिथिलेश […]
रांची : राजधानी के एक अस्पताल में काम करने वाली युवती से इश्कबाजी में फंसे जगन्नाथपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार सिंह को रांची रेंज के डीआइजी एवी होमकर ने रविवार को निलंबित कर दिया. डीआइजी ने इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने मिथिलेश सिंह पर युवती द्वारा लगाये गये आरोप को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए उनके खिलाफ प्रशासनिक दृष्टिकोण से कार्रवाई की अनुशंसा डीआइजी से की थी.
उल्लेखनीय है कि एक युवती ने इंस्पेक्टर मिथिलेश सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाये थे. आरोप था कि इंस्पेक्टर उसे रात में फोन कर तरह-तरह की बातें करते हैं और संबंध बनाने के लिए दबाव डालते हैं.
इसे लेकर युवती ने पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत की थी. शिकायत में उल्लेखित बातों की जांच करने की जिम्मेदारी ट्रैफिक डीएसपी दिलीप खलखो को सौंपी गयी थी. डीएसपी ने लॉज में रहने वाली पीड़ित युवती के साथ-साथ अन्य लड़कियों से घटना को लेकर पूछताछ की थी. युवतियों ने बताया था कि इंस्पेक्टर एक बार युवती से जबरन मिलने हॉस्टल तक पहुंच गये थे.
जब हॉस्टल के गार्ड और वार्डन ने इसका विरोध किया किया, तब उन पर इंस्पेक्टर ने अपना रौब दिखाया था. डीएसपी ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि इंस्पेक्टर युवती के हॉस्टल गये थे. इसके बाद डीएसपी ने अपनी रिपोर्ट सिटी एसपी अमन कुमार को सौंप दी थी. रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई के लिए सिटी एसपी ने एसएसपी के पास भेज दिया था.
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि इंस्पेक्टर के व्यवहार के कारण पुलिस की छवि धूमिल हुई है. इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है. हालांकि मामले में मिथिलेश कुमार पूर्व में युवती द्वारा लगाये गये आरोप को गलत बता चुके हैं.
