जर्मनी व स्विट्जरलैंड मॉडल के अनुरूप झारखंड में स्थापित होंगे प्रशिक्षण केंद्र

शिक्षा मंत्री व दो अधिकारियों ने 22 जून से 27 जून तक जर्मनी व स्विट्जरलैंड का किया दौरा लिया निर्णय... झारखंड सरकार अगले पांच वर्ष में 20 लाख युवाअों के रोजगार सृजन के लिए है दृढ़संकल्प रांची : झारखंड में भी जर्मनी व स्विट्जरलैंड के अनुरूप ट्रेनिंग अॉफ ट्रेनर्स तथा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किये जायेंगे. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 29, 2018 8:30 AM

शिक्षा मंत्री व दो अधिकारियों ने 22 जून से 27 जून तक जर्मनी व स्विट्जरलैंड का किया दौरा लिया निर्णय

झारखंड सरकार अगले पांच वर्ष में 20 लाख युवाअों के रोजगार सृजन के लिए है दृढ़संकल्प

रांची : झारखंड में भी जर्मनी व स्विट्जरलैंड के अनुरूप ट्रेनिंग अॉफ ट्रेनर्स तथा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किये जायेंगे. इस मॉडल के अनुरूप कुरिकुलम तैयार किया जायेगा, ताकि झारखंड राज्य के युवाअों का भविष्य समुचित दिशा में विकसित एवं उन्नत करने का काम किया जा सकेगा. राज्य के मेगा स्किल सेंटर को अपग्रेड करने के लिए जर्मनी व स्विट्जरलैंड की तकनीक उपलब्ध होगी. इससे विदेशों में भी रोजगार पाने के अवसर मिलेंगे.

यह निर्णय राज्य की शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव, पूर्व उच्च शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह व कौशल विकास मिशन निदेशक रवि रंजन के जर्मनी व स्विट्जरलैंड दौरे के क्रम में लिया गया है. मंत्री व अधिकारी ने 22 जून से 27 जून 2018 तक जर्मनी व स्विट्जरलैंड का अध्ययन दौरा किया.

इस यात्रा के पूर्व झारखंड में संपन्न हुए ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में यूरोपियन फाउंडेशन अॉफ इंडिया के साथ एमअोयू के क्रम में दौरे की सभी तैयारियां कर ली गयी थीं. उल्लेखनीय है कि झारखंड में पूर्व में ही जर्मनी की सिमंस कंपनी के साथ एमअोयू हुआ है.

सिमेंस के अध्ययन से बीआइटी सिंदरी तथा पांच पॉलिटेक्निक संस्थान में सेंटर स्थापित किया गया. जिसमें प्रतिवर्ष 11 हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर नौकरी उपलब्ध कराया जाना है. राज्य में इस तरह के 13 अौर सेंटर स्थापित होंगे, जिनकी क्षमता 33 हजार होगी. मंत्री के अनुसार झारखंड सरकार अगले पांच वर्ष में लगभग 20 लाख युवाअों के रोजगार सृजन के लिए दृढ़संकल्प है. अधिकारियों ने बताया कि जर्मनी, स्विट्जरलैंड और आस्ट्रेलिया मॉडल में वोकेशनल एजुकेशन का बहुत महत्व है. यहां क्लास रूम टीचिंग के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज दिया जाता है.

मंत्री व अधिकारी जर्मनी में एलटी डिडेक्टिक, कार्ल लइसवर्ग, जीएसआइएसएलवी, जीआइ टेक, डीएमजी मोरी एकेडमी तथा स्विट्जरलैंड में बीएचएमएस, एसएचएल, एफ प्लस एफ, एमएसडब्ल्यू, केवी लुजर्न कंपनी का दौरा कर वापस भारत लौट आये.