रांची : विलंब पर सरकार को भरना होगा 10 हजार जुर्माना
समय पर जवाब दाखिल नहीं करने पर हाइकोर्ट नाराज, कहा रांची : झारखंड हाइकोर्ट में सोमवार को कांटाटोली व रातू रोड में बढ़ती सड़क दुर्घटना काे लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा जवाब दाखिल […]
समय पर जवाब दाखिल नहीं करने पर हाइकोर्ट नाराज, कहा
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में सोमवार को कांटाटोली व रातू रोड में बढ़ती सड़क दुर्घटना काे लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा जवाब दाखिल नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जतायी. माैखिक रूप से कहा कि सरकार के अधिकारी समय पर जवाब दाखिल नहीं करते हैं.
कोर्ट इसकी अनदेखी नहीं कर सकता है. ऐसा नहीं चलेगा. अगली सुनवाई के एक सप्ताह पूर्व शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने कहा कि यदि सरकार की अोर से एक सप्ताह पहले जवाब दाखिल नहीं किया जाता है, तो दस हजार रुपये जुर्माना भरना होगा, तभी जवाब स्वीकार किया जायेगा. खंडपीठ ने रांची नगर निगम के जवाब को असंतोषजनक बताया. दोबारा शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया. झारखंड स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि वह डिस्पले बोर्ड को फाइनल करे तथा शपथ पत्र दाखिल करे.
खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मुख्य सचिव नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेंगे तथा पथ निर्माण, नगर विकास व ट्रैफिक प्रबंधन के लिए जिम्मेवार संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे.
खंडपीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि वह जनहित याचिका के तहत पारित सारे आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजें, ताकि अगली सुनवाई के दाैरान जवाब दे सकें. खंडपीठ ने राजधानी की ट्रैफिक समस्या की साइंटिफिक रिसर्च करने का निर्देश दिया है. साथ ही समस्याअों का कैसे समाधान निकाला जाये, उस पर सुझाव देने को कहा है. खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की.
इससे पूर्व राज्य सरकार की अोर से अधिवक्ता राजीव रंजन मिश्र ने शपथ पत्र दाखिल करने के लिए समय देने की प्रार्थना की. पिछली सुनवाई के दाैरान कोर्ट ने नगर विकास विभाग, परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, रांची नगर निगम को शपथ पत्र दायर कर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था.
कोर्ट के निर्देश के आलोक में सिर्फ रांची नगर निगम ने जवाब दाखिल किया था. झारखंड स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोर्ट को बताया कि जल्द ही देवघर, गोड्डा व रामगढ़ जिले में डिस्पले बोर्ड लगा दिया जायेगा, जिससे प्रदूषण का स्तर पता चल सके.
अन्य विभागों की अोर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया था. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी राहुल कुमार दास ने तत्कालीन चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था. इसमें कांटा टोली व रातू रोड में सड़क दुर्घटना में लोगों की माैत का मामला उठाया था. चीफ जस्टिस ने पत्र को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.
