रांची : कृषि मंत्री रणधीर सिंह को चाहिए टाटा सफारी का टॉप मॉडल, जानिए क्‍या है मंत्रियों के लिए नियम

शकील अख्तर रांची : कृषि मंत्री रणधीर सिंह को स्कॉर्पियो के बदले टाटा सफारी चाहिए. मंत्री की ओर से समेकित सहकारी परियोजना के मॉनिटरिंग अफसर को पत्र लिख कर पहले स्कॉर्पियो की मांग की गयी है. बाद में महिंद्रा के बदले टाटा सफारी टॉप मॉडल की मांग की गयी. नियमानुसार मंत्रियों को मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
शकील अख्तर
रांची : कृषि मंत्री रणधीर सिंह को स्कॉर्पियो के बदले टाटा सफारी चाहिए. मंत्री की ओर से समेकित सहकारी परियोजना के मॉनिटरिंग अफसर को पत्र लिख कर पहले स्कॉर्पियो की मांग की गयी है. बाद में महिंद्रा के बदले टाटा सफारी टॉप मॉडल की मांग की गयी.
नियमानुसार मंत्रियों को मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय विभाग द्वारा गाड़ी उपलब्ध करायी जाती है. कृषि सहकारिता मंत्री को भी मंत्रिमंडल सचिवालय ने फाॅर्चूनर उपलब्ध करायी गयी है.
टाटा सफारी की मांग को लेकर मंत्री के आप्त सचिव ने समेकित सहकारी विकास परियोजना के स्टेट मोनटरिंग अफसर को एक लिखा है.
इसमें यह कहा गया है कि मंत्री महोदय के लिए पूर्व से आदेशित महिंद्रा स्कॉर्पियो के स्थान पर टाटा सफारी टॉप मॉडल शीघ्र खरीदने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाये. मंत्री की ओर से जिस परियोजना से अपने लिए टाटा सफारी खरीदने की मांग की है, वह परियोजना केंद्रीय सहायता अनुदान की राशि से चलती है. इस परियोजना के तहत सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों के आर्थिक सामाजिक उत्थान के लिए लैंप्स, पैक्स सहित विशेष प्रकार की समितियों को सहायता दी जाती है.
इसके तहत स्थानीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए मछली पालन, डेयरी, हथकरघा, बागवान, कुटीर उद्योग के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को लागू करने के लिए योजनाएं बनायी जाती हैं. साथ ही कर्ज और अनुदान के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है. परियोजना लागत की 30 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाती है.
क्या है मंत्रियों के लिए नियम
मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय विभाग द्वारा मंत्रियों को सुविधाएं देने से संबंधित नियम लागू किया गया है. इसके तहत मंत्री को तीन गाड़ियां दी जाती हैं. एक गाड़ी मंत्री के इस्तेमाल के लिए. दूसरी गाड़ी मंत्री की सुरक्षा में चलनेवाले स्कॉट के लिए. तीसरी गाड़ी मंत्री के सेल के काम काज के लिए.
मंत्रिमंडल के गठन के बाद राज्य में लागू नियम के तहत मंत्री के इस्तेमाल के लिए मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा फाॅर्चूनर उपलब्ध करा दिया गया. मंत्री के साथ चलनेवाले सुरक्षा कर्मियों के लिए गृह विभाग और मंत्री के सेल के काम काज के लिए विभाग द्वारा एक-एक गाड़ी उपलब्ध करा दी गयी है. इसके बावजूद मंत्री ने समेकित सहकारिता विकास परियोजना से एक टाटा सफारी की मांग की है.
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