रांची : भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने बिशप थियोडोर मैस्करेनहास के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भोले-भाले गरीब, अशिक्षित जनजाति समुदाय के लोगों को सेवा के नाम पर धोखे में उन्हें अपनी संस्कृति और पहचान से काटना संविधान और राष्ट्र विरोधी है.
बिशप थियोडोर जैसे लोग समाज को दिग्भ्रमित करने में लगे हैं. पत्थलगड़ी के नाम पर संविधान की दुहाई देने के पीछे भी ऐसी ही ताकतों का हाथ है. उन्होंने कहा : राज्य के जनजाति समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और पहचान से लगाव है.
हमें अपने पूर्वजों पर गर्व है. यह समाज प्राचीन काल से स्वावलंबी और स्वाभिमानी रहा है. लेकिन, वर्षों की गुलामी व अंग्रेजों की गलत नीतियों ने जनजाति समाज को कमजोर बनाने का काम किया. शहीद भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, नीलांबर-पीतांबर, वीर बुद्धु भगत, जतरा टाना भगत जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई की. धर्म, संस्कृति की रक्षा के लिए जन जागरण भी किया. आजादी के बाद मिशनरी ताकतों ने सेवा के नाम पर जनजातियों की संस्कृति और पहचान को मिटाने का प्रयास जारी रखा. श्रीउरांव ने कहाआज जब जनजाति समाज अपनी पहचान, परंपरा, संस्कृति के प्रति जागरूक होकर खड़ी हो गया है, तो ऐसी शक्तियां बौखला गयी हैं. उनके काले कारनामे बाहर आने लगे हैं. श्री उरांव ने कहा कि भाजपा सर्वधर्म समभाव में आस्था रखती है. भाजपा सरकार का संकल्प सबका साथ-सबका विकास है.