भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के साथ हुआ एमओयू
रांची : एचइसी व भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीइएमएल) माइनिंग क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे. दोनों कंपनी के बीच सोमवार को कोलकाता में समझौता हुआ. दोनों कंपनियां मिलकर रोप शावेल, ड्रैगलाइन, सर्फेश माइनिंग सहित अन्य उपकरण बनायेंगी और इसकी मार्केटिंग भी करेंगी. एमओयू पर हस्ताक्षर कोल इंडिया के चेयरमैन अनिल कुमार झा, मेकन के निदेशक मार्केटिंग राणा चक्रवर्ती की उपस्थिति में बीइएमएल के सीएमडी दीपक कुमार व एचइसी के सीएमडी अभिजीत घोष ने किया.
इस अवसर पर दीपक कुमार ने कहा कि समझौता से दोनों कंपनियों के व्यवसाय में काफी वृद्धि होगी. माइनिंग के क्षेत्र में नये-नये उपकरण तो बनेगा ही साथ ही स्पेयर पार्ट्स के निर्माण से बिजनेस भी बढ़ेगा. एचइसी के सीएमडी अभिजीत घोष ने कहा कि समझौता मील का पत्थर साबित होगा. दो सार्वजनिक क्षेत्र के उपकरण मेक इन इंडिया के तहत कार्य करेंगे. उन्होंने कहा कि कोल इंडिया में विस्तारीकरण का कार्य होना है. इसी को दखते हुए एचइसी व बीइएमएल ने एक साथ काम करने का निर्णय लिया है. श्री घोष ने कहा कि दोनों कंपनी ड्रैगलाइन, 20 क्यूबिक मीटर रोप शॉवेल सहित माइनिंग के कई उपकरण बनायेंगे.
उन्होंने कहा कि 10 क्यूबिक मीटर शॉवेट बनाने में एचइसी को महारत हासिल है. एचइसी के पास उन्नत डिजाइन भी है. 20 क्यूबिक मीटर का डिजाइन बीइएमएल के साथ डेवलप किया जायेगा. यह उपकरण एचइसी में पहली बार बनेगा. सर्फेश माइनिंग के लिए कई विदेशी कंपनियों से तकनीक हस्तांतरण के लिए बातचीत चल रही है.
श्री घोष ने कहा कि एचइसी के पास फिलहाल कार्यशील पूंजी का अभाव है. बीइएमएल के साथ समझौता होने से कार्यशील पूंजी की कमी नहीं होगी साथ ही उपकरण का डिस्पैच भी समय पर होगा.
रोप शावेल, ड्रैगलाइन, सर्फेश माइनिंग समेत अन्य उपकरण का निर्माण और मार्केटिंग करेंगी दोनों कंपनियां
माइनिंग के क्षेत्र में नये-नये उपकरण और स्पेयर पार्ट्स के निर्माण से बढ़ेगा दोनों कंपनियों का बिजनेस