केंद्र सरकार के जवाब पर गृह सचिव को जवाब दाखिल करने को कहा गया था
रांची : दिग्दर्शन कोचिंग सेंटर की आड़ में युवकों को फर्जी तरीके से नक्सली बता सरेंडर कराने और फिर उन्हें नौकरी दिलाने से जुड़े मामले में गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट हाइकोर्ट को सौंप दी है.
रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी गयी है. इसकी पुष्टि एक वरीय अधिकारी ने की. इस मामले में पूर्व में केंद्र सरकार ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने गृह सचिव को सात अगस्त तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था. इस मामले में रांची के लोअर बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
इसमें रवि बोदरा, दिनेश प्रजापति, जेरोलिन केरकेट्टा, मशी केरकेट्टा व अप्राथमिकी अभियुक्त जोसेफ डिफोर्ट लकड़ा के खिलाफ अंतिम प्रतिवेदन (356/17) के तहत न्यायालय को फाइनल रिपोर्ट दी गयी थी. इसके बाद केस बंद कर दिया गया था. युवकों को फर्जी तरीके से नक्सली बता सरेंडर कराने के मामले में 28 मार्च 2014 को लोअर बाजार थाने में कर्रा निवासी प्रमेश प्रसाद ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस मामले में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता के बिंदु पर जांच नहीं की गयी थी.