रांची : भू-अर्जन समय से नहीं होने के कारण राज्य की कई सड़क परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं. राज्य के हर डिवीजन में इस तरह की समस्याएं आ रही हैं. बड़ी-बड़ी परियोजनाअों में भी ऐसी समस्या देखने को मिल रही है.
राजधानी रांची की भी कई योजनाएं भू-अर्जन की वजह से विलंब से चल रही है. इस मामले को पथ निर्माण विभाग ने गंभीरता से लिया है. इसे लेकर पथ सचिव केके सोन ने सोमवार को सारे कार्यपालक अभियंता व जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (डीएलएअो) के साथ बैठक की. बैठक में अभियंता प्रमुख रास बिहारी सिंह भी उपस्थित थे.
बैठक में सचिव ने योजनाअों की समीक्षा की. इसके बाद भू-अर्जन के लिए समय सीमा तय की. इसके तहत सारी पुरानी योजनाअों के लिए तीन माह के अंदर जमीन का मामला क्लीयर कर लेने को कहा गया है.
यानी इतने समय में कार्यपालक अभियंता व डीएलएअो को भू-अर्जन का काम कर लेना है. वहीं नयी योजनाअों के लिए भू-अर्जन का समय छह माह दिया गया है. सचिव ने स्पष्ट किया है कि अगर निर्धारित समय सीमा में जमीन का अधिग्रहण नहीं हुआ, तो यह चिह्नित किया जायेगा कि इसके लिए कार्यपालक अभियंता या डीएलएअो में से कौन जिम्मेवार हैं. इस तरह दोषी अफसर पर कार्रवाई की जायेगी.