केंद्र 100% छात्रवृत्ति देने को तैयार, झारखंड ने सीमा तय की

रांची : गरीब मेधावी एसटी विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति शत-प्रतिशत देने की व्यवस्था केंद्रीय कल्याण मंत्रालय की ओर से की गयी है. पर झारखंड सरकार के कल्याण विभाग ने 21 फरवरी, 2018 को संकल्प जारी कर इसे एक वर्ष में अधिकतम छात्रवृत्ति 50 हजार कर दी. इससे उच्च शिक्षण संस्थानों जैसे आइआइएम, मेडिकल कॉलेज, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : गरीब मेधावी एसटी विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति शत-प्रतिशत देने की व्यवस्था केंद्रीय कल्याण मंत्रालय की ओर से की गयी है.
पर झारखंड सरकार के कल्याण विभाग ने 21 फरवरी, 2018 को संकल्प जारी कर इसे एक वर्ष में अधिकतम छात्रवृत्ति 50 हजार कर दी. इससे उच्च शिक्षण संस्थानों जैसे आइआइएम, मेडिकल कॉलेज, बीआइटी मेसरा व एक्सएलआइआर आदि में पढ़नेवाले छात्रों को परेशानी हाे रही है. इस मामले को लेकर झारखंड जागृति मंच के बैनर तले सेवानिवृत्त व अन्य अफसरों ने मंगलवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उचित कदम उठाने का अनुरोध किया.
मंच ने बताया कि केंद्र के प्रावधान के तहत जिस संस्थान में एसटी विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, वहां की ट्यूशन फीस, व्यवस्थापन सहित अन्य फीस के अनुसार छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है. यह 100 फीसदी केंद्र प्रायोजित है.
राज्य सरकार को सिर्फ प्रस्ताव बना कर केंद्र को भेजना है, लेकिन राज्य सरकार ने संकल्प जारी कर विद्यार्थियों के समक्ष संकट खड़ा कर दिया है. हाइकोर्ट ने भी अपने आदेश में एसटी के विद्यार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधान के अनुसार छात्रवृत्ति देने का निर्देश दिया था.
पिछले दिनों नीट परीक्षा में सफल एसटी छात्रा अनिमा मिंज को एमबीबीएस में दाखिले के लिए पैसे की दिक्कत थी. मामला मीडिया में आने पर हाइकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. मुख्यमंत्री की ओर से दो लाख रुपये की मदद अनिमा को दी गयी थी. इस सहयोग राशि से उसने मुंबई स्थित ग्रांट गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए वह कॉलेज में फीस जमा नहीं कर पा रही है.
कल्याण विभाग से भी मदद नहीं मिल पायी है, जबकि उसने विभाग से अनुरोध भी किया है. मेधावी एसटी विद्यार्थियों को करीब 10 सालों से समय-समय पर मदद कर रहे झारखंड जागृति मंच ने राज्यपाल से केंद्र व कोर्ट के निर्देश के तहत छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने का अनुरोध किया है. मंच की ओर से राज्यपाल से मिलनेवालों में एडीजी रेजी डुंगडुंग, सेवानिवृत्त आइजी शीतल उरांव, सेवानिवृत्त आइजी हेमंत टोप्पो के अलावा बैंक ऑफ इंडिया के पदाधिकारी सुनील लकड़ा, प्रो अरुण जॉन प्रबाल व लोहरमान उरांव आदि शामिल थे.
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