गर्ल्स हॉस्टल व लॉज की प्रशासन करायेगा जांच, विशेष टीम गठित

रांची : जिला प्रशासन राजधानी रांची के निबंधित व गैर निबंधित गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में रहनेवाली छात्राअों/युवतियों के रख-रखाव की जांच करायेगा. इसके अलावा जिले के सरकारी-गैर सरकारी आवासीय विद्यालय, विकलांगों का आश्रय देने वाली संस्थाओं, वृद्धा आश्रम और मानसिक रोगियों को रखनेवाली संस्थाओं की भी समय-समय पर जांच की जायेगी. जिला प्रशासन और […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

रांची : जिला प्रशासन राजधानी रांची के निबंधित व गैर निबंधित गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में रहनेवाली छात्राअों/युवतियों के रख-रखाव की जांच करायेगा. इसके अलावा जिले के सरकारी-गैर सरकारी आवासीय विद्यालय, विकलांगों का आश्रय देने वाली संस्थाओं, वृद्धा आश्रम और मानसिक रोगियों को रखनेवाली संस्थाओं की भी समय-समय पर जांच की जायेगी. जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग अपने-अपने स्तर पर उक्त संस्थाओं की सूची तैयार करा रहे हैं.

यौन शोषण की बढ़ रही घटनाअों और महिलाअों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने यह कदम उठाया है. समाज कल्याण विभाग भी अपने स्तर से टीम गठित कर इसकी जांच करायेगा. विभाग की ओर से टीम को प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी. वहीं, जिला प्रशासन ने किसी अन्य जांच एजेंसी से जांच कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए विशेष टीम गठित की जा रही है. जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा डीएसइ व डीइअो से सभी कस्तूरबा, एकलव्य विद्यालय सहित अन्य सभी सरकारी महिला छात्रावास की सूची मांगी गयी है. वहीं, नगर निगम से भी राजधानी के सभी निबंधित महिला छात्रावास व लॉज की सूची मांगी जा रही है.
यौन शोषण की बढ़ती घटनाअों व महिलाअों की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला
लॉज व हॉस्टल में रह रही छात्राएं/युवतियां प्रशासन को दे सकती हैं गुप्त जानकारी
संचालकों से मांगा जा रहा है जवाब
सभी लॉज व हॉस्टल से प्रशासन 20 सवालों का जवाब मांगा जा रहा है. इसके तहत पंजीकरण से लेकर रहनेवाली छात्राअों/युवतियों की संख्या, सुविधा, सुरक्षा के उपाय, उनसे मिलनेवालों व बाहर आने-जाने का समय व रिकाॅर्ड, चिकित्सीय व्यवस्था, सीसीटीवी हैं या नहीं, छात्राअों की दिनचर्या, कहां पढ़ती हैं या काम करती हैं, अभिभावकों की ब्योरा, संचालन के लिए राशि की व्यवस्था आदि की जानकारी मांगी जा रही है. इधर, जिला प्रशासन ने लॉज व हॉस्टल में रह रही छात्राअों/युवतियों से आग्रह किया है कि वे अपने लॉज/हॉस्टल के बारे में गुप्त जानकारी दे सकती हैं, ताकि जांच टीम को मदद मिल सके.
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