रांची : एक करोड़ के इनामी सुधाकरण पर कसेगा इडी का शिकंजा

रांची : प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य सुधाकर उर्फ सुधाकरण रेड्डी और उससे जुड़े लोगों पर इडी (प्रवर्तन निदेशालय) का शिकंजा कसेगा. इनमें सुधाकरण की पत्नी अरुणा देवी उर्फ माधवी उर्फ नीलिमा उर्फ वैदूला अरुणा उर्फ जया उर्फ पदमा उर्फ माधवका उर्फ सुजाता के अलावा भाई बी नारायण शामिल हैं. एक करोड़ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 14, 2018 7:58 AM
रांची : प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य सुधाकर उर्फ सुधाकरण रेड्डी और उससे जुड़े लोगों पर इडी (प्रवर्तन निदेशालय) का शिकंजा कसेगा.
इनमें सुधाकरण की पत्नी अरुणा देवी उर्फ माधवी उर्फ नीलिमा उर्फ वैदूला अरुणा उर्फ जया उर्फ पदमा उर्फ माधवका उर्फ सुजाता के अलावा भाई बी नारायण शामिल हैं. एक करोड़ के इनामी नक्सली सुधाकरण व उसकी पत्नी फिलवक्त फरार है. जबकि मुल्ला सत्यनारायण रेड्डी व बी नारायण 30 अगस्त 2017 से रांची पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद से जेल में हैं. वर्तमान में (एनआइए) नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी मामले की पड़ताल कर रही है.
सूत्र बताते हैं कि इडी का दूसरे जांच एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद मामला दर्ज करने की सहमति बन गयी है. जल्द ही मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सुधाकरण सहित अन्य की संपत्ति अटैच कर संबंधित न्यायालय के आदेश से जब्ती की कार्रवाई की जायेगी. पहले से भी नक्सलियों और साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर इडी जांच की कार्रवाई कर रही है.
सुधाकरण के भाई बी नारायण व उसके सहयोगी मुल्ला सत्यनारायण रेड्डी को 30 अगस्त 2017 को रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड से गिरफ्तार किया गया था. इनके पास से 25 लाख रुपये नकद, 457 ग्राम सोना बरामद किया गया था. इसके बाद चुटिया थाने में मामला दर्ज किया गया था. बाद में मामले को लेकर एनआइए ने टेकओवर कर कांड संख्या 2/17 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया.
सभी आरोपियों पर रंगदारी मांगने, लेवी वसूलने, आपराधिक वारदात व असामाजिक कार्यों में सक्रियता का आरोप प्राथमिकी में लगाया गया था. मुल्ला सत्यनारायण रेड्डी को सरकारी गवाह बनाया गया है. मामले में तीन अभियुक्तों के खिलाफ अदालत से इश्तेहार जारी हुआ था.