रांची : बस स्टैंड के लिए नहीं मिल रहे निवेशक सरकार नीतियों में बदलाव को है तैयार

इन्वेस्टर मीट का अायोजन, बोले नगर विकास सचिव रांची : राज्य के 10 सिटी बस स्टैंड का निर्माण पीपीपी मोड पर करने के लिए कई बार निविदा निकाली गयी, लेकिन निवेशक नहीं आ रहे हैं. निवेशक किन वजहों से नहीं आ रहे हैं, यह जानने की कोशिश की जा रही है. जरूरत पड़ेगी तो नीतियों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
इन्वेस्टर मीट का अायोजन, बोले नगर विकास सचिव
रांची : राज्य के 10 सिटी बस स्टैंड का निर्माण पीपीपी मोड पर करने के लिए कई बार निविदा निकाली गयी, लेकिन निवेशक नहीं आ रहे हैं. निवेशक किन वजहों से नहीं आ रहे हैं, यह जानने की कोशिश की जा रही है.
जरूरत पड़ेगी तो नीतियों में बदलाव किया जायेगा. यह बात नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कही. झारखंड के 10 शहरों में सिटी बस स्टैंड को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तर्ज पर विकसित करने और उनके संचालन को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग की संस्था झारखंड अर्बन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड (जुटकोल) की ओर से बुधवार को रांची के होटल बीएनआर में एक दिवसीय राष्ट्रीय इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया गया.
निवेशकों के लिए बेहतर माहौल बनाने का प्रयास : श्री सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार निवेशकों के लिए बेहतर माहौल बनाने का लगातार प्रयास कर रही है.
इसी दिशा में हम चाहते हैं कि निवेशकों के सौजन्य से झारखंड के शहरी क्षेत्र में एक बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विकसित कर पायें. उन्होंने कहा कि अगर इन्वेस्टमेंट पॉलिसी में कोई बदलाव करना पड़ा या बस स्टैंड के लिए चिह्नित जगह में भी कोई बदलाव की जरूरत हो अथवा पहले से बने डीपीआर में संशोधन की जरूरत हो तो सरकार इस दिशा में कदम उठाने के लिए तैयार है.
सचिव ने कहा कि इस मॉडल को पहले रांची, जमशेदपुर व धनबाद जैसे बड़े शहरों से शुरू किया जायेगा. यह भी कहा कि रांची सहित झारखंड के कुछ बड़े शहरों में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने पर सरकार का जोर है. इन्वेस्टर मीट में प्रदेश की प्रतिष्ठित निर्माण कंपनियों के साथ-साथ देश के कई हिस्से से निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधि और कई कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधि शामिल हुए .
मौके पर नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से पीपीपी मोड पर बननेवाले सिटी बस स्टैंड की रूप रेखा से लेकर मॉडल और सरकार की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी, शर्तें और रेवेन्यू के मॉडल को भी निवेशकों के समक्ष रखा गया .इसके अलावा निवेशकों ने भी पीपीपी मोड में बस स्टैंड विकसित करने में आ रही समस्याओं पर चर्चा की. कंसल्टेंट कंपनियों ने विभिन्न शहरों के लिए बनाये गये डीपीआर का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन रखा.
सिटी बस चलाने के लिए कई बार निकाली जा चुकी है निविदा
अहमदाबाद में बने गीता मंदिर बस स्टैंड का दिया गया प्रेजेंटेशन
कार्यक्रम में अहमदाबाद में बने गीता मंदिर बस स्टैंड पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखायी गयी. फिल्म के माध्यम से बताया गया कि एक वक्त था, जब इस बस स्टैंड की दुर्दशा कैसी थी और आज यह बस स्टैंड दुनिया में खुद का एक मॉडल पेश कर रहा है. इस बस स्टैंड के संचालन, नागरिक सुविधाओं, इनक्वायरी सिस्टम,पब्लिक रिलेशन सिस्टम की व्यवस्था, साफ सफाई ,बसों के लिए बने प्लेटफार्म के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का भी वर्णन लोगों के समक्ष रखा गया.
एयरपोर्ट जैसे दिखनेवाले इस बस स्टैंड का निर्माण हबटाउन प्राइवेट लिमिटेड ने पीपीपी मोड में किया है. इस कंपनी ने भी झारखंड में भी बस स्टैंड बनाने की इच्छा जाहिर की है.
निवेशकों से झारखंड में खुले दिल से निवेश करने की अपील की
नगरीय प्रशासन निदेशक आशीष सिंहमार ने निवेशकों से झारखंड में खुले दिल से निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि हमारे यहां निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तो है ही, अरबन ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ शहरीकरण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं.
इन्वेस्टर मीट में सुडा निदेशक अमित कुमार, नगर विकास के विशेष सचिव बीपीएल दास, जुटकोल के सीइओ नवनीत पंजियार के साथ-साथ कई विभागों के पदाधिकारी तथा झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य शामिल हुए.
इनके अलावा आरएस अग्रवाल इंफ्राटेक के राहुल अग्रवाल, अभिजीत कंस्ट्रक्शन के कंचन सिंह, मोदी प्रोजेक्ट लिमिटेड के नवीन मोदी, श्याम स्टील के संजय सिंह, हब टाउन के भरत शाह, केपीएमपी के वुंगमी मुइनिपो, ग्लोबल आर्कर के संजय कुमार नायक, एफजेसीसीआइ के रणजीत गाड़ोदिया, कुणाल अजमाणी, किशोर मंत्री, पंचवटी ग्रुप के भूषण व वर्टिकल ग्रुप के निकेत चौधरी ने भी हिस्सा लिया.
यहां बनने हैं बस स्टैंड
धनबाद , मानगो ,चाईबासा, गिरिडीह, फुसरो, मेदिनीनगर, दुमका ,गोड्डा, सिमडेगा, गुमला, रांची, जमशेदपुर और धनबाद में आइएसबीटी बनाया जाना है.
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